रायपुर/धमतरी, 30 जुलाई (वेदांत समाचार)। धमतरी जिले के किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ी सौगात के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) धमतरी में माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर (कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर) का लोकार्पण किया गया। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने इस अत्याधुनिक केंद्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी समापन हुआ।
माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर किसानों और नए उद्यमियों को कम लागत में आधुनिक मशीनरी, उत्पाद परीक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और कौशल प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे बिना भारी निवेश किए स्थानीय किसान और उद्यमी फल, सब्जियां, मसाले, मिलेट्स सहित अन्य कृषि उत्पादों से जूस, अचार, सॉस और विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर सकेंगे। साथ ही उनकी गुणवत्ता और बाजार की संभावनाओं का परीक्षण भी कर पाएंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि कृषि और उद्यानिकी उत्पादों का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि अब कृषि विज्ञान केंद्र केवल नई तकनीक पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के माध्यम से ग्रामीण युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और एफपीओ को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

मंत्री ने इन्क्यूबेशन सेंटर में स्थापित आधुनिक मशीनों का निरीक्षण किया और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीक, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और गुणवत्ता प्रबंधन का प्रशिक्षण देकर स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्यम विकसित होंगे और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले के लिए यह एक ऐतिहासिक पहल है। इस सेंटर के माध्यम से स्थानीय कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों का मूल्य संवर्धन होगा, जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग के जरिए जिले के उत्पादों को नई पहचान मिलेगी।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीकों के साथ गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता, आधुनिक पैकेजिंग एवं लेबलिंग, एफएसएसएआई (FSSAI) के मानकों, विपणन रणनीति और ब्रांडिंग की व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देना और स्थानीय उत्पादों को प्रतिस्पर्धी बाजार के अनुरूप तैयार करना रहा।
कार्यक्रम में धमतरी महापौर रामू रोहरा, पूर्व विधायक रंजना दीपेंद्र साहू, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक (विस्तार सेवाएं), कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता, खाद्य प्रसंस्करण विभागाध्यक्ष, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी, किसान, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं और प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।
धमतरी में स्थापित यह माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर प्रदेश में कृषि आधारित उद्यमिता को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने में उल्लेखनीय मदद मिलेगी।

