- 06 जिलों से निष्कासित होने के बाद पहचान छिपाकर जांजगीर में रह रहा था आरोपी, पुलिस ने की कार्रवाई
जांजगीर-चांपा। जिलाबदर आदेश की अवहेलना करने वाले आरोपी के खिलाफ जांजगीर-चांपा पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। 06 जिलों से निष्कासित किए जाने के बावजूद आरोपी अपनी पहचान छिपाकर जांजगीर में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान शांतनु शांडेय पिता मोहित राम शांडेय (40 वर्ष), निवासी ग्राम बिरगहनी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा के रूप में हुई है।
जिले के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय (भापुसे) द्वारा पूर्व में थाना प्रभारियों की बैठक लेकर आदतन एवं अभ्यस्त अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत थाना बलौदा पुलिस द्वारा आरोपी शांतनु शांडेय के विरुद्ध जिलाबदर की कार्रवाई के लिए प्रकरण तैयार कर जिला दंडाधिकारी जांजगीर-चांपा के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।
प्रकरण की सुनवाई के बाद जिला दंडाधिकारी द्वारा मार्च 2026 में आरोपी को एक वर्ष के लिए 06 जिलों—जांजगीर-चांपा, शक्ति, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर और बलौदाबाजार—से निष्कासित कर प्रवेश प्रतिबंधित किया गया था। आदेश की तामिली बलौदा पुलिस द्वारा कराकर आरोपी को जिलाबदर आदेश का पालन करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद आरोपी शांतनु शांडेय आदेश का उल्लंघन करते हुए अपनी पहचान छिपाकर जांजगीर शहर में रह रहा था। पुलिस को सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी की जांच की। इस दौरान आरोपी द्वारा पुलिस टीम के साथ विवाद किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के विरुद्ध धारा 170 बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तहसील कार्यालय जांजगीर के समक्ष पेश किया।
मामले में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट द्वारा आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध पृथक से वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी चांपा निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता, सहायक उप निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, थाना बलौदा के प्रधान आरक्षक गजाधर पाटनवार और आरक्षक रज्जू लाल रात्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

