मुंबई। निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। बैंक ने इस तिमाही में 1,075 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक कर पश्चात लाभ (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 463 करोड़ रुपये की तुलना में 132.4 प्रतिशत अधिक है। बैंक ने मुनाफे के साथ-साथ लोन, जमा राशि, एसेट क्वालिटी और लाभप्रदता के प्रमुख मानकों में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
30 जून 2026 तक बैंक का कुल ग्राहक कारोबार (लोन और जमा राशि) बढ़कर 6,04,776 करोड़ रुपये हो गया, जो एक वर्ष पहले 5,10,031 करोड़ रुपये था। इसमें 18.6 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि तिमाही आधार पर यह 5.2 प्रतिशत बढ़ा।
बैंक का कुल लोन और एडवांस बढ़कर 3,05,370 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 2,53,233 करोड़ रुपये था। इसमें 20.6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई। बैंक के अनुसार यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से मॉर्गेज, वाहन, कॉर्पोरेट और कंज्यूमर लोन में बेहतर मांग के कारण हुई। वहीं रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई (RAM) पोर्टफोलियो बढ़कर 2,41,118 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि होलसेल पोर्टफोलियो में 30.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी बैंक का प्रदर्शन बेहतर रहा। ग्रॉस एनपीए (GNPA) घटकर 1.51 प्रतिशत और नेट एनपीए (NNPA) घटकर 0.44 प्रतिशत रह गया। रिटेल, एग्री और एमएसएमई पोर्टफोलियो में भी खराब ऋणों में कमी दर्ज की गई, जिससे बैंक की जोखिम प्रबंधन क्षमता मजबूत होने का संकेत मिला।
30 जून 2026 तक बैंक की ग्राहक जमा राशि बढ़कर 2,99,405 करोड़ रुपये हो गई, जो एक वर्ष पहले 2,56,799 करोड़ रुपये थी। वहीं CASA जमा राशि बढ़कर 1,58,492 करोड़ रुपये पहुंच गई। बैंक का CASA अनुपात बढ़कर 50.8 प्रतिशत हो गया, जबकि फंड की लागत घटकर 5.96 प्रतिशत रह गई।
बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 5.96 प्रतिशत हो गया, जो पिछले वर्ष 5.71 प्रतिशत था। वहीं कॉस्ट टू इनकम रेशियो सुधरकर 70.7 प्रतिशत पर आ गया। औसत लोन के मुकाबले प्रावधान भी घटकर 1.53 प्रतिशत रह गया, जिससे बैंक की लाभप्रदता में और सुधार हुआ।
बैंक को माइक्रो फाइनेंस पोर्टफोलियो के लिए CGFMU योजना के तहत 514.8 करोड़ रुपये का क्लेम प्राप्त हुआ। साथ ही संभावित वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक जोखिमों को ध्यान में रखते हुए बैंक ने 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त एहतियाती प्रावधान भी किया है।
पहली तिमाही के अंत तक बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 15.05 प्रतिशत और CET-1 रेशियो 13.33 प्रतिशत रहा, जो बैंक की मजबूत पूंजी स्थिति को दर्शाता है।
बैंक के एमडी एवं सीईओ वी. वैद्यनाथन ने कहा कि बैंक का उद्देश्य बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस के साथ एक मजबूत और उच्च गुणवत्ता वाला बैंक बनाना है। उन्होंने कहा कि बैंक की एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हो रहा है, प्रावधान घट रहे हैं और कारोबार मजबूत गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि बैंक को किए गए निवेश का लाभ अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जिसके परिणामस्वरूप पहली तिमाही में रिकॉर्ड 1,075 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज हुआ और आरओए (ROA) पहली बार 1 प्रतिशत के स्तर से ऊपर पहुंच गया।

