बेमेतरा, 26 जुलाई (वेदांत समाचार)। जरूरतमंदों की सहायता के उद्देश्य से शुरू की गई सामाजिक पहल ‘नेकी की दीवार’ आज खुद बदहाली का शिकार हो गई है। नगर पालिका और सामाजिक संगठनों के सहयोग से स्थापित इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक कपड़े और अन्य उपयोगी सामग्री पहुंचाना था, लेकिन रखरखाव की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते यह योजना अब अपनी पहचान खोती नजर आ रही है।
बेमेतरा शहर में बनी इस दीवार की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। दीवार पर लिखे प्रेरणादायक संदेश धुंधले पड़ चुके हैं, कपड़े टांगने के लिए लगाए गए हुक और स्टैंड टूट चुके हैं तथा लोगों द्वारा छोड़े गए कपड़े जमीन पर बिखरे हुए दिखाई देते हैं। कई जगहों पर कपड़े कचरे के ढेर में पड़े रहते हैं, जिससे इस नेक पहल की छवि भी प्रभावित हो रही है।
कुछ वर्ष पहले इस पहल की शुरुआत इस सोच के साथ की गई थी कि “जिसके पास अधिक है, वह छोड़ जाए और जिसे जरूरत है, वह ले जाए।” शुरुआती दिनों में शहरवासियों ने इस अभियान को भरपूर समर्थन दिया और बड़ी संख्या में उपयोगी कपड़े एवं अन्य सामान यहां दान किए। इससे अनेक जरूरतमंद परिवारों को राहत भी मिली थी।

हालांकि समय के साथ नियमित देखरेख और साफ-सफाई का अभाव इस योजना पर भारी पड़ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब यहां कोई निगरानी नहीं होती। कई लोग अनुपयोगी और फटे-पुराने कपड़े छोड़ जाते हैं, जिससे यह स्थान धीरे-धीरे कचरा घर जैसा दिखाई देने लगा है। वहीं कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा दीवार और उसके ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका से मांग की है कि इस महत्वपूर्ण सामाजिक पहल को दोबारा जीवंत बनाया जाए। उनका कहना है कि दीवार की मरम्मत, रंग-रोगन, आकर्षक चित्रकारी और नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए ताकि जरूरतमंद लोग सम्मानपूर्वक इसका लाभ उठा सकें और नागरिक भी फिर से इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित हों।
इस संबंध में बेमेतरा नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि नगर पालिका इस ओर जल्द ध्यान देगी। उन्होंने बताया कि ‘नेकी की दीवार’ का नवीनीकरण कराया जाएगा, दीवार पर आकर्षक चित्रकारी की जाएगी और इसे नए स्वरूप में विकसित कर पहले से अधिक सुंदर एवं उपयोगी बनाया जाएगा, ताकि यह सामाजिक पहल फिर से लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन सके।

