ऑयल मार्केट में राहत, जानें आज दिल्ली से मुंबई तक कितना है पेट्रोल-डीजल का रेट? - vedantsamachar.in

ऑयल मार्केट में राहत, जानें आज दिल्ली से मुंबई तक कितना है पेट्रोल-डीजल का रेट?

Petrol Diesel Price Today, 26 July: देशभर में 26 जुलाई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सरकारी तेल कंपनियों ने आज भी पुराने रेट ही जारी रखे हैं. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले कुछ दिनों के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ गई थीं. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड करीब 100.69 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था. इसकी वजह ईरान से जुड़े तनाव और वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका थी. खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर बढ़ती चिंता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हो गया था.

अब अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरू होने की खबर सामने आई. इससे युद्ध का खतरा कुछ कम हुआ और तेल बाजार को राहत मिली. इसका असर यह हुआ कि रविवार तक ब्रेंट क्रूड ऑयल 3.88% गिरकर 96.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 3.12% की गिरावट के साथ 89.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है. देश में आखिरी बार 25 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए थे. उस समय सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 2.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई थी. इसके बाद से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.

प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमत
अगर प्रमुख शहरों की बात करें तो दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. वहीं मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है. इसके अलावा कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमत अभी भी 110 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बनी हुई है. वहीं डीजल की कीमत अधिकांश शहरों में 100 रुपये प्रति लीटर से कम है. हालांकि हैदराबाद में डीजल 103.82 रुपये और चेन्नई में 100.92 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं. सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का होता है. जब क्रूड ऑयल महंगा होता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की संभावना रहती है. इसके अलावा रुपये और डॉलर की विनिमय दर भी अहम भूमिका निभाती है. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. ऐसे में अगर डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है तो तेल आयात महंगा पड़ता है और इसका असर ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है.

हर शहर में अलग क्यों होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स (एक्साइज ड्यूटी और वैट) हैं. हर राज्य में वैट की दर अलग होती है, इसलिए कीमतों में अंतर दिखाई देता है. इसके अलावा परिवहन लागत और स्थानीय मांग-आपूर्ति की स्थिति भी ईंधन की कीमतों को प्रभावित करती है.