SBI लाइफ बनी भारतीय पैरालंपिक दल की प्रिंसिपल पार्टनर, पैरा एथलीट्स को बड़े टूर्नामेंट की तैयारी में मिलेगा मजबूत सहयोग - vedantsamachar.in

SBI लाइफ बनी भारतीय पैरालंपिक दल की प्रिंसिपल पार्टनर, पैरा एथलीट्स को बड़े टूर्नामेंट की तैयारी में मिलेगा मजबूत सहयोग

नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026। भारतीय पैरा एथलीट्स को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में बेहतर सहयोग और सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) के साथ अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाने की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत कंपनी वर्ष 2026 के पैरा स्पोर्ट्स सीजन में भारतीय पैरालंपिक दल की प्रिंसिपल पार्टनर होगी।

इसके साथ ही एसबीआई लाइफ, स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल पैरा खेल 2026 तथा जापान के आइची-नागोया एशियाई पैरा खेल 2026 के लिए भारतीय दल की ऑफिशियल लाइफ इंश्योरेंस पार्टनर भी रहेगी। इस पहल का उद्देश्य खिलाड़ियों को मानसिक और सामाजिक रूप से मजबूत समर्थन देना है, ताकि वे पूरी एकाग्रता के साथ अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

एसबीआई लाइफ इससे पहले भी पेरिस पैरालंपिक 2024 के दौरान भारतीय पैरा खिलाड़ियों के साथ जुड़ी रही थी। अब कंपनी इस सहयोग को और आगे बढ़ाते हुए खिलाड़ियों के संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों की प्रेरक कहानियों को देशभर तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। कंपनी का मानना है कि इन खिलाड़ियों की सफलता नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी और समाज में पैरा खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

एसबीआई लाइफ के चीफ, ब्रांड, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन एवं सीएसआर रवींद्र शर्मा ने कहा कि भारतीय पैरा एथलीट्स अपने साहस, अनुशासन और कड़ी मेहनत से यह साबित कर रहे हैं कि मजबूत इच्छाशक्ति के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। उन्होंने कहा कि कंपनी को इन खिलाड़ियों के साथ जुड़कर उनके सफर का हिस्सा बनने पर गर्व है और यह साझेदारी उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी।

वहीं भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा कि खिलाड़ियों को समय पर मिलने वाला सहयोग और भरोसा उनकी तैयारियों को नई मजबूती देता है। उन्होंने कहा कि एसबीआई लाइफ जैसी संस्था का साथ मिलने से भारतीय पैरा एथलीट्स को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास मिलेगा और वे देश का नाम और अधिक रोशन करेंगे।

यह साझेदारी केवल बीमा सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में पैरा खेलों के विकास, नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सहयोग से खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन, प्रेरणा और दीर्घकालिक समर्थन मिलेगा, जिससे भारत की पैरा खेलों में वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।