जांजगीर-चांपा, 22 जुलाई (वेदांत समाचार)। जांजगीर-चांपा पुलिस की उत्कृष्ट विवेचना और मजबूत तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार लूटने की साजिश के तहत चालक की हत्या करने वाले तीन आरोपियों को न्यायालय ने आज आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया तथा छह-छह माह के सश्रम कारावास से भी दंडित किया है। पुलिस की सटीक जांच, वैज्ञानिक विवेचना और प्रभावी अभियोजन के कारण यह मामला न्यायालय में पूरी तरह सिद्ध हुआ।
पुलिस के अनुसार, 13 और 14 अप्रैल 2024 की दरमियानी रात आरोपियों ने कार लूटकर बेचने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने बिलासपुर निवासी चालक रमाकांत तिवारी की कार बुक कराई। यात्रा के दौरान सुनसान स्थान पर आरोपियों ने पहले चालक के साथ मारपीट की, फिर उसका गला दबाया और पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को थाना सारागांव क्षेत्र के ग्राम लखुर्री नहर किनारे फेंक दिया और कार लेकर फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी सारागांव निरीक्षक सावन कुमार सारथी के नेतृत्व में विशेष जांच शुरू की गई। उपनिरीक्षक सत्यम चौहान सहित पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर विश्लेषण और वैज्ञानिक जांच के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर, लूटी गई कार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए। इन साक्ष्यों को न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत हुआ।
पुलिस की सुदृढ़ विवेचना और प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास, अर्थदंड तथा छह-छह माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। जांजगीर-चांपा पुलिस ने इसे तकनीकी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्य और पेशेवर विवेचना का महत्वपूर्ण परिणाम बताया है, जिससे गंभीर अपराधों में दोषियों को कठोर दंड दिलाने में सफलता मिली।

