रायपुर,20 जुलाई (वेदांत समाचार)। राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने और बसों के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस और बस संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने बस संचालकों को चालक-परिचालकों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराने, संदिग्ध पार्सलों की निगरानी रखने तथा यात्रियों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला के निर्देश पर सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) गौरव मंडल एवं अनुज कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त संजय सिंह और नरेश पटेल सहित एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट (ACCU) के अधिकारी तथा 20 से अधिक बस संचालक उपस्थित रहे।
बैठक में अधिकारियों ने बस संचालकों से कहा कि वे अपने यहां कार्यरत सभी चालक, परिचालक (क्लीनर) और अन्य कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं। साथ ही आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल नंबर, स्थायी एवं वर्तमान पता, फोटोग्राफ सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों का अद्यतन रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। बिना सत्यापन किसी भी नए कर्मचारी को कार्य पर नहीं रखने की हिदायत दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में नारकोटिक ड्रग्स एवं साइकोट्रॉपिक पदार्थों (एनडीपीएस) की तस्करी पर रोक लगाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में बसों के माध्यम से किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित मादक पदार्थों का परिवहन नहीं होने देना सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी यात्री, पार्सल या अन्य माध्यम से तस्करी की आशंका हो तो तत्काल संबंधित थाना, पुलिस कंट्रोल रूम या एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट को सूचना दें।
बैठक में बस संचालकों को बिना नाम, पहचान या वैध प्रेषक एवं प्राप्तकर्ता के विवरण वाले किसी भी पार्सल को स्वीकार नहीं करने के निर्देश दिए गए। सभी पार्सलों का विधिवत रिकॉर्ड रखने तथा किसी भी संदिग्ध पार्सल या लावारिस सामान की सूचना तुरंत पुलिस को देने को कहा गया। साथ ही संदिग्ध बैग या विस्फोटक जैसी प्रतीत होने वाली वस्तु को स्वयं खोलने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचित करने की सलाह दी गई।
यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर बस संचालकों को यात्रियों का आवश्यक विवरण दर्ज करने, संदिग्ध पहचान वाले व्यक्तियों पर नजर रखने तथा बस स्टैंड और बसों में लगे सीसीटीवी कैमरों को हमेशा चालू एवं क्रियाशील रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के अंत में सभी बस संचालकों ने पुलिस के दिशा-निर्देशों का पालन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

