रायगढ़, 11 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में एक बार फिर हाथी-मानव संघर्ष की दर्दनाक घटना सामने आई है। हाथियों के संवेदनशील क्षेत्र माने जाने वाले कापू वन परिक्षेत्र के तालगांव में शनिवार तड़के एक जंगली हाथी बस्ती में घुस आया। हाथी के हमले में जान बचाकर भाग रही एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 4 बजे हाथी तालगांव बस्ती में पहुंच गया। अचानक हाथी के गांव में घुसने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से निकलकर इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान तालगांव निवासी शकुंतला बाई भी अपनी जान बचाने का प्रयास कर रही थीं। उनके साथ उनकी दुधमुंही बच्ची भी थी।
भागने के दौरान हाथी ने शकुंतला बाई पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को तत्काल कापू अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के समय महिला के साथ मौजूद दुधमुंही बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने गांव में काफी देर तक उत्पात मचाया। इस दौरान वन विभाग के वाहन पर भी हमला करने का प्रयास किया, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा। हाथी के आक्रामक व्यवहार के कारण ग्रामीणों में लंबे समय तक भय का माहौल बना रहा।
वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद हाथी को बस्ती से बाहर जंगल की ओर खदेड़ने में सफलता हासिल की। इसके बाद क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि हाथी दोबारा आबादी वाले इलाके में प्रवेश न कर सके।
वन विभाग ने मृतक महिला के परिजनों को शासन की ओर से निर्धारित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से जंगल की ओर अकेले नहीं जाने और हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की भी अपील की है।
धरमजयगढ़ वन क्षेत्र में बीते कुछ वर्षों से हाथी और मानव के बीच संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है, लेकिन आबादी वाले क्षेत्रों में उनके प्रवेश से ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

