कोरिया/बैकुंठपुर, 11 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर में 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी छात्रा पूजा पैकरा को कथित तौर पर चोरी के आरोप में मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। बैकुंठपुर थाना पुलिस ने आई.सी. मार्ट (IC MART) के संचालक दीपक बैंद, विनोद बैंद और जगत बैंद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई दिवंगत छात्रा पूजा पैकरा के पिता, जो पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं, की शिकायत के आधार पर की गई है। मामले को लेकर क्षेत्र में व्यापक आक्रोश देखने को मिला और विरोध प्रदर्शन तथा चक्काजाम के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया।
शिकायत के अनुसार, 7 जुलाई 2026 की शाम पूजा पैकरा अपनी छोटी बहन के साथ बैकुंठपुर स्थित आई.सी. मार्ट में खरीदारी करने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान दुकान संचालकों ने उस पर चोरी का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज की, उसकी स्कूटी की चाबी छीन ली और उसे दुकान के अंदर ले जाकर बैग व अन्य सामान की तलाशी ली। परिजनों का आरोप है कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के छात्रा को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।
एफआईआर में दर्ज शिकायत के मुताबिक, दुकान संचालकों ने कथित तौर पर पहले 20 हजार रुपये की मांग करते हुए कहा कि चोरी किए गए सामान की कीमत चुकानी होगी। अगले दिन जब छात्रा के पिता अपनी बेटी के साथ दुकान पहुंचे तो आरोपियों ने कथित रूप से 50 हजार रुपये की मांग कर दी। रुपये देने में असमर्थता जताने के बाद पिता अपनी बेटी के साथ घर लौट आए।
घर पहुंचने पर छात्रा ने अपने पिता को पूरी घटना बताई। शिकायत के अनुसार, उसने बताया कि दुकान में मौजूद लोगों ने उसके साथ जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियां कीं तथा कहा कि “आदिवासी लोग चोरी करते हैं और उन्हें सुधारा नहीं जा सकता।” परिजनों का आरोप है कि इस घटना के बाद छात्रा गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में चली गई।
शिकायत में कहा गया है कि लगातार हुए अपमान, मानसिक प्रताड़ना, चोरी के झूठे आरोप, रुपये की मांग और जातिसूचक टिप्पणियों से आहत होकर छात्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। हालांकि, समय रहते परिजनों की नजर पड़ने से उसकी जान बच गई। बाद में उसकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम भी किया।
बैकुंठपुर पुलिस ने मामले में दीपक बैंद, विनोद बैंद और जगत बैंद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 107, 308(2), 309(4) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और विवेचना के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद बैकुंठपुर सहित पूरे कोरिया जिले में आक्रोश का माहौल है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

