सिनेमा से आगे बढ़कर सांस्कृतिक आंदोलन की ओर: ‘रामायण’ के मेकर्स 9 जुलाई से देशभर के स्कूलों में शुरू करेंगे विशेष अभियान, बोले – “हम चाहते थे कि बच्चे रामायण को महसूस करें” - vedantsamachar.in

सिनेमा से आगे बढ़कर सांस्कृतिक आंदोलन की ओर: ‘रामायण’ के मेकर्स 9 जुलाई से देशभर के स्कूलों में शुरू करेंगे विशेष अभियान, बोले – “हम चाहते थे कि बच्चे रामायण को महसूस करें”

मुंबई। 400 से अधिक स्कूलों, 18 शहरों और 5 लाख से ज्यादा छात्रों तक पहुंचेगा यह अभियान, फिल्म की रिलीज़ से पहले नई पीढ़ी को रामायण की विरासत से जोड़ने की पहल

भारतीय सिनेमा में पहली बार ‘रामायण’ की टीम 9 जुलाई से देशभर में बड़े स्तर पर स्कूल एक्टिवेशन अभियान शुरू करने जा रही है। इस खास पहल का उद्देश्य भारत के सबसे महान और कालजयी महाकाव्यों में से एक रामायण की भावना, उसके आदर्शों और उसकी विरासत को देशभर के बच्चों तक सीधे पहुंचाना है।

छात्रों के लिए तैयार किए गए इस विशेष कार्यक्रम के तहत 18 शहरों के 400 से अधिक स्कूलों में गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें 5 लाख से ज्यादा छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। इस अभियान के दौरान बच्चों के लिए रामायण से प्रेरित ड्रॉइंग प्रतियोगिताएं, रचनात्मक गतिविधियां, क्विज़ प्रतियोगिताएं और इंटरैक्टिव चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों को अपने परिवार के साथ रामायण की कहानियों, उसके मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

“हमारा सत्य। हमारा इतिहास।” इस सोच पर आधारित यह अभियान नई पीढ़ी को रचनात्मकता, सहभागिता और कहानी कहने के माध्यम से रामायण के अमर संदेश से जोड़ने का प्रयास करेगा।

यह पहल निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा की मेगा फिल्म रामायण की रिलीज़ से पहले की तैयारियों का एक अहम हिस्सा है। भारतीय महाकाव्य पर आधारित इस फिल्म को वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है। दो भागों में बनने वाली यह फिल्म भारत की सबसे पूजनीय कहानियों में से एक को भव्य पैमाने, भावनात्मक प्रस्तुति और अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स के साथ दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाएगी।

स्कूल एक्टिवेशन अभियान के बारे में रामायण के निर्माताओं ने कहा,
“रामायण पीढ़ियों से अपनी कहानियों, मूल्यों और साझा स्मृतियों के जरिए लोगों के दिलों में जीवित रही है। इस स्कूल अभियान के माध्यम से हमारा प्रयास है कि इसकी विरासत को बच्चों तक रोचक और सार्थक तरीके से पहुंचाया जाए। जैसे-जैसे हम रामायण को बड़े पर्दे पर लाने की ओर बढ़ रहे हैं, हमारी इच्छा थी कि बच्चे इसे सिर्फ एक पौराणिक कथा के रूप में न जानें, बल्कि साहस, कर्तव्य, प्रेम और धर्म की ऐसी प्रेरणादायक कहानी के रूप में महसूस करें, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।”

इस अभियान का उद्देश्य छात्रों को रामायण की दुनिया से शुरुआती स्तर पर जोड़ना है और साथ ही भारत की सांस्कृतिक विरासत में रामायण के विशेष स्थान का उत्सव मनाना भी है। कई शहरों में चलने वाला यह अभियान फिल्म की रिलीज़ से पहले युवाओं के बीच मजबूत जुड़ाव बनाने और बड़े स्तर पर सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

दुनिया के सबसे लोकप्रिय महाकाव्यों में से एक रामायण से प्रेरित निर्देशक नितेश तिवारी की यह फिल्म इसकी भव्यता, भावनाओं और गौरवशाली विरासत को बड़े पर्दे पर अभूतपूर्व स्तर पर पेश करेगी।

फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभाएंगी। रॉकिंग स्टार यश रावण की भूमिका में दिखाई देंगे। वहीं सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे।

नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज, आठ बार ऑस्कर विजेता वीएफएक्स स्टूडियो डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के सहयोग से किया जा रहा है। दो भागों में बनने वाली यह फिल्म दुनियाभर में आईमैक्स में रिलीज़ होगी। पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में आएगा।