रायपुर, 03 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने शुक्रवार को रायपुर नगर निगम मुख्यालय में अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जोन कमिश्नर हर 15 दिनों में निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें और उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक आर. एक्का, रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा सहित विभाग और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में शहर में चल रहे विकास कार्यों, लंबित परियोजनाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
सचिव शंगीता आर. ने तकनीकी कारणों से लंबे समय से अटके हुए निर्माण कार्यों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बाधाओं को तत्काल दूर कर अप्रारंभ कार्यों को बिना देरी शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि राजधानी में विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे होना चाहिए और इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राजधानी के नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने सभी जोन कमिश्नरों, स्वच्छ भारत मिशन के वार्ड प्रभारियों और नोडल अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बरसात के मौसम को देखते हुए सचिव ने जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष सफाई अभियान चलाने और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान शहरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत मिलनी चाहिए और इसके लिए पहले से तैयारी करना आवश्यक है।
बैठक में उन्होंने नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने से उनकी कार्यक्षमता बढ़ती है और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलती हैं।
शहरी विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए सचिव ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए अभियान तेज करने के निर्देश दिए। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत निर्माणाधीन आवासों को तेजी से पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा के दौरान उन्होंने रायपुर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लाने के लिए पूरी गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजधानी की गरिमा के अनुरूप स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने, शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने और कचरा परिवहन व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा। साथ ही नालंदा परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा, रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त संचालक एस.के. सुन्दरानी सहित नगर निगम के अपर आयुक्त, उपायुक्त, जोन कमिश्नर, अभियंता, विभिन्न विभागों के प्रभारी अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन के वार्ड प्रभारी, जोन स्वास्थ्य अधिकारी और सहायक राजस्व अधिकारी भी उपस्थित रहे।

