रायपुर, 03 जुलाई (वेदांत समाचार)। खरीफ सीजन 2026 को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के लिए रासायनिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर प्रदेश को जुलाई माह में 46,500 मीट्रिक टन डीएपी (DAP) की अतिरिक्त आपूर्ति प्राप्त हुई है। इसके साथ ही राज्य में 30 जून 2026 तक 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। सरकार का दावा है कि इस बार किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति जारी रहेगी।
राज्य सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने खरीफ वर्ष 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके मुकाबले 30 जून तक 13.16 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद का भंडारण किया जा चुका है। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी जैसे सभी प्रमुख उर्वरक शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि किसान परिवारों की समृद्धि और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी किसान को खाद के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और पूरे प्रदेश में भंडारण, परिवहन तथा वितरण की लगातार निगरानी की जाए।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश के किसानों को 7 लाख 27 हजार 833 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। यह वितरण किसानों की वास्तविक मांग के अनुसार लगातार किया जा रहा है। वहीं वर्तमान में प्रदेश में 5 लाख 88 हजार 673 मीट्रिक टन उर्वरकों का शेष भंडार उपलब्ध है, जो आगामी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।
यदि पिछले वर्ष की तुलना की जाए तो इस बार खाद भंडारण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में 30 जून तक प्रदेश में 12 लाख 25 हजार 929 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण था, जबकि इस वर्ष यह बढ़कर 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन हो गया है। यानी करीब 90 हजार 577 मीट्रिक टन अधिक खाद का भंडारण सुनिश्चित किया गया है। सरकार का कहना है कि कुल उपलब्धता के आधार पर यह पिछले वर्ष की तुलना में 1.08 लाख मीट्रिक टन अधिक है, जो बेहतर आपूर्ति प्रबंधन और अग्रिम योजना का परिणाम है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर केंद्र सरकार से अतिरिक्त डीएपी आवंटन मिलने के बाद अब जुलाई माह में 46,500 मीट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति भी राज्य को प्राप्त हो चुकी है। इससे धान सहित खरीफ की अन्य फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।
राज्य सरकार का कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए उर्वरकों के भंडारण, परिवहन और वितरण की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि प्रदेश के हर जिले में समय पर खाद पहुंच सके और खेती का कार्य बिना किसी बाधा के जारी रहे।

