कोरबा, 03 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत पुलिस ने बलवा, मारपीट, रास्ता रोककर लूट और जानलेवा हमला करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वाहन, लोहे का रॉड और लूटी गई 60 हजार रुपये की नकदी बरामद कर ली है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर जिले में अपराध नियंत्रण और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) के मार्गदर्शन में थाना बालको चौकी रजगामार पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने थाना बालको चौकी रजगामार में शिकायत दर्ज कराई थी कि नव निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के पास पुरानी रंजिश को लेकर कुछ लोगों ने उसका रास्ता रोक लिया। इसके बाद आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लोहे के रॉड और हाथ-मुक्कों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रार्थी की कार में तोड़फोड़ की और उसके पास रखे 60 हजार रुपये लूटकर मौके से फरार हो गए।
शिकायत के आधार पर थाना बालको चौकी रजगामार में अपराध क्रमांक 401/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने वारदात करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया वाहन, लोहे का रॉड और लूटी गई नकदी बरामद कर विधिवत जब्त कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लक्ष्मी नारायण खाण्डे (48 वर्ष), संदीप खाण्डे (22 वर्ष), गंगासागर खाण्डे (39 वर्ष) और अरुण खाण्डे (24 वर्ष) निवासी रजगामार, जिला कोरबा के रूप में हुई है।
कोरबा पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने और आम लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी निरंतर चलाए जाएंगे।

