बिलासपुर, 02 जुलाई (वेदांत समाचार)। बिलासपुर जिले के कोटा थाना पुलिस ने खेत समतलीकरण कराने के नाम पर किसान से 9 लाख रुपये की धोखाधड़ी और जबरन वसूली करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों से ठगी की पूरी 9 लाख रुपये की राशि भी बरामद कर ली है। खास बात यह है कि सभी आरोपी पहले से ही रतनपुर थाना क्षेत्र में दर्ज बकरी चोरी के एक मामले में भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘चेतना विरुद्ध नशा एवं चेतना अभियान’ के तहत की गई। अभियान के दौरान सभी प्रकार के अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मामले की शुरुआत 23 जून 2026 को हुई, जब कोटा थाना क्षेत्र के श्रीपारा निवासी रामनारायण पोर्ते ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनके खेत का समतलीकरण कराने का झांसा देकर उनसे 9 लाख रुपये ऐंठ लिए और बाद में फरार हो गए। शिकायत के आधार पर कोटा थाना में अपराध क्रमांक 524/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2), 112, 308, 313 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि इसी गिरोह के सदस्य रतनपुर थाना में दर्ज बकरी चोरी के एक मामले में पहले से गिरफ्तार हैं। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया गया।
प्रोडक्शन वारंट के आधार पर आरोपियों से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने खेत समतलीकरण के नाम पर किसान से 9 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में बबलू खान (57 वर्ष), अमूर खान (66 वर्ष), अमीन खान (41 वर्ष), हबीब खान (35 वर्ष), शाहरुख खान (22 वर्ष) निवासी उमरिया, थाना गोराबाजार, जिला जबलपुर (मध्य प्रदेश) तथा मोहम्मद अच्छन (33 वर्ष) निवासी रजकपुर, जिला अमरोहा (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की 9 लाख रुपये की पूरी राशि भी बरामद कर ली है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह अलग-अलग क्षेत्रों में किसानों को खेत समतलीकरण और अन्य कार्यों का झांसा देकर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। अब पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य राज्यों में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
इस कार्रवाई में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी, सहायक उपनिरीक्षक गोपाल खांडेकर, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, आरक्षक अनिल साहू, शैलेन्द्र साहू और सुनील पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

