रायपुर, 2 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के साथ ही खरीफ सीजन 2026 की खेती-किसानी ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य में अब तक करीब 4.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जो इस वर्ष निर्धारित कुल लक्ष्य 48.69 लाख हेक्टेयर का लगभग 10 प्रतिशत है। प्रदेशभर में किसानों ने धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल जैसी फसलों की बुआई शुरू कर दी है और मानसून की अच्छी बारिश के साथ आने वाले दिनों में बोनी का रकबा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद और प्रमाणित बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा है कि वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही सभी सहकारी समितियों और सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का भंडारण कर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग इस पूरी व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
कृषि विभाग के अनुसार, प्रदेश के किसानों को अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरक और 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं। बीज वितरण के मामले में इस वर्ष 4.95 लाख क्विंटल का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 4.30 लाख क्विंटल बीज पहले ही भंडारित किया जा चुका है। अब तक कुल लक्ष्य का लगभग 62 प्रतिशत बीज किसानों तक पहुंच चुका है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 2.67 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण हुआ था, जबकि इस बार वितरण का आंकड़ा इससे काफी अधिक है।
उर्वरकों की उपलब्धता के मोर्चे पर भी सरकार ने व्यापक तैयारी की है। खरीफ सीजन 2026 के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक सहकारी और निजी क्षेत्रों में 13.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। इनमें से 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का लगभग 47 प्रतिशत है।
मानसून की बात करें तो प्रदेश में 2 जुलाई 2026 तक 96.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। जबकि छत्तीसगढ़ की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिलीमीटर है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में मानसून सामान्य बना रहा तो बोनी का कार्य तेजी से पूरा होगा और फसलों की स्थिति भी बेहतर रहेगी।
राज्य सरकार किसानों को आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। खरीफ सीजन 2026 में 30 जून तक किसानों को 5,525 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 4,517 करोड़ रुपये था। इस वर्ष सरकार ने किसानों को 8,800 करोड़ रुपये का कृषि ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है।
सरकार का कहना है कि पर्याप्त खाद-बीज की उपलब्धता, समय पर ऋण वितरण और मानसून की अनुकूल स्थिति के कारण इस बार खरीफ सीजन में बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। कृषि विभाग लगातार जिलों से फसल बुआई, खाद-बीज वितरण और वर्षा की स्थिति की निगरानी कर रहा है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

