रायगढ़,28 जून (वेदांत समाचार)। इस बार धान खरीदी के लिए तैयारी शुरू हो चुकी है। एक जुलाई से 31 अक्टूबर तक एग्रीस्टेक में पंजीयन होगा। एकीकृत पोर्टल में पंजीयन नहीं होगा। सबसे अहम बात यह है इस बार सभी किसानों को पंजीयन कराना होगा। साथ ही हर खसरा नंबर की फार्म आईडी को फार्मर आईडी से लिंक कराना होगा। समर्थन मूल्य धान उपार्जन करना छग में सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। किसानों के साल भर की मेहनत का वाजिब मूल्य उनको मिलता है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान मिलने की वजह से किसान अब केवल धान की ओर मुड़ रहे हैं। इस बार किसान पंजीयन में कुछ बदलाव किए गए हैं।
पिछले साल एग्रीस्टेक और एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन किया गया था लेकिन इस बार केवल एग्रीस्टेक ही लागू किया गया है। नए-पुराने सभी किसानों को इस बार पंजीयन कराना होगा। एक जुलाई से 31 अक्टूबर तक पंजीयन होगा। संभवत: 15 नवंबर या 1 दिसंबर से खरीदी प्रारंभ होगी। पंजीयन के बाद डिजिटल क्रॉप सर्वे एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होगी। 15 अगस्त से 31 अक्टूबर तक खसरा नंबरों में फसल की प्रविष्टि होगी। सरकार ने आदेश दिया है कि डीसीएस में जितने रकबे पर धान की प्रविष्टि होगी, उतने पर ही धान खरीदी होगी। वर्ष 25-26 में रायगढ़ जिले में 85241 किसानों ने 1,27,036 हे. का पंजीयन कराया था। इस बार खेतों की फार्म आईडी भी एंट्री की जाएगी। राजस्व विभाग ने सभी खसरा नंबरों को अलग फार्म आईडी दी है। पंजीयन के समय फार्मर आईडी के साथ फार्म आईडी की लिंकिंग कराई जाएगी। मतलब जो खेत जिस किसान के हैं, वे उससे लिंक रहेंगे। बोगस खरीदी को रोकने के लिए पिछले साल की तरह नोडल अधिकारी बनाए जाएंगे।

