नई दिल्ली,27 जून : Vaibhav Sooryavanshi, IND vs IRE 2nd T20I: भारत और आयरलैंड के बीच खेली जा रही 2 मैचों की टी20 सीरीज इस समय काफी रोमांचक मोड़ पर आ खड़ी हुई है. सीरीज के पहले मुकाबले में मेजबान आयरलैंड ने बड़ा उलटफेर करते हुए टीम इंडिया को 34 रनों से करारी शिकस्त दी. इस हार के बाद भारतीय टीम अब यह सीरीज तो नहीं जीत सकती, लेकिन अगले मैच में जीत हासिल कर सीरीज को 1-1 की बराबरी पर जरूर खत्म कर सकती है. इस ‘करो या मरो’ वाले मुकाबले में 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भारतीय टीम की नैया पार लगा सकते हैं, अगर उन्हें डेब्यू का मौका मिलता है तो.
वैभव सूर्यवंशी को मौका देना क्यों है जरूरी?
जब टीम इंडिया पर सीरीज गंवाने का सबसे बड़ा दबाव है, तब सबकी नजरें वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हैं. दरअसल, वैभव सूर्यवंशी को दबाव भरे और नॉकआउट मुकाबलों में रन बनाना काफी पसंद है. जब भी टीम के सामने जीत के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता, तब इस युवा खिलाड़ी का बल्ला जमकर आग उगलता है. इस साल उन्होंने अलग-अलग बड़े मौकों पर 5 नॉकआउट मैच खेले हैं और हर बार उन्होंने विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाई हैं.
वैभव का बल्ला बड़े मैचों में किस कदर गरजता है?
अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 का सेमीफाइनल: वैभव सूर्यवंशी ने अफगानिस्तान के खिलाफ दबाव भरे मैच में सिर्फ 33 गेंदों पर 9 चौके और 4 छक्कों की मदद से 68 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली और इंडिया U19 को 7 विकेट से जीत दिलाई थी.
अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल: सबसे बड़े मंच के फाइनल में इंग्लैंड के गेंदबाजों को रिमांड पर लेते हुए सिर्फ 80 गेंदों में 15 चौके और 15 छक्के जड़कर 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली, जिससे भारत ने एकतरफा अंदाज में 100 रनों से जीत दर्ज की थी.
IPL 2026 का एलिमिनेटर मैच: सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ करो या मरो के मैच में सिर्फ 29 गेंदों पर 5 चौके और 12 छक्कों की बरसात करते हुए 97 रन ठोक दिए और राजस्थान को 47 रनों से जिताया.
IPL 2026 का क्वालिफायर 2: गुजरात टाइटंस के खिलाफ एक और नॉकआउट मुकाबले में 47 गेंदों पर 8 चौके और 7 छक्के लगाकर 96 रनों की शानदार पारी खेली, हालांकि इस मैच में गुजरात को 7 विकेट से जीत मिली.
वनडे ट्राई सीरीज का फाइनल: हाल ही में श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल भिड़ंत में एक बार फिर गेंदबाजों की क्लास लेते हुए सिर्फ 29 गेंदों में 10 चौके और 8 छक्कों के दम पर 94 रन कूट डाले और इंडिया ए को 66 रनों से चैंपियन बनाया.
भारतीय टीम की साख बचाने का दारोमदार
पहले टी20 में मिली शिकस्त के बाद इस समय सबसे ज्यादा दबाव भारतीय टीम पर ही है. आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ सीरीज हारने की बदनामी से बचने के लिए भारत को हर हाल में दूसरा मैच जीतना होगा. ऐसे में जब परिस्थितियां पूरी तरह नॉकआउट जैसी बन चुकी हैं, तो दबाव सोखने की अद्भुत क्षमता के कारण वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर टीम के लिए सबसे बड़े संकटमोचक साबित हो सकते हैं. अगर उन्हें प्लेइंग 11 में शामिल किया जाता है तो वो भारत के लिए इंटरनेशनल मैच खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बन जाएंगे.

