CG NEWS:170 वर्गफुट के शासकीय पट्टे की भूमि खरीदकर 6 हजार वर्गफुट पर दावा... - vedantsamachar.in

CG NEWS:170 वर्गफुट के शासकीय पट्टे की भूमि खरीदकर 6 हजार वर्गफुट पर दावा…

रायगढ़,24 जून (वेदांत समाचार)। इन दिनों सरकारी जमीनें हड़पने-हथियाने के मामले में धरमजयगढ़ फेवरेट स्पॉट बना हुआ है। प्रदेश के कोने-कोने से लोग यहां की शासकीय पट्टे की जमीन, बड़े झाड़ के जंगल खरीद चुके हैं। यहां एक मामला ऐसा भी आया है कि शासकीय पट्टे की 170 वर्गफुट जमीन को खरीदकर एक व्यक्ति ने 6000 वर्गफुट पर व्यवस्थापन मांग लिया। मामला खुला तो एसडीएम ने कूटरचित दस्तावेज पकड़ लिए और राशि भी जब्त कर ली। यह दिलचस्प मामला नगर पंचायत धरमजयगढ़ का है। 28 वर्ष पूर्व 21 जुलाई 1998 को शीट नंबर 8/16 प्लॉट नंबर 1084 शैलेन्द्र नाथ बाला के नाम से 170 वर्गफुट का राजीव गांधी आश्रय पट्टा प्राप्त हुआ था।

वर्ष 21-22 में नित्यानंद सरकार पिता गौरपद सरकार नामक व्यक्ति ने नजूल टाउन धरमजयगढ़ मोहल्ला पीपरमार में शीट नंबर 8/16 प्लॉट नंबर 1084 रकबा 26400 वर्गफीट से 6934 वर्गफीट में स्थित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन के तहत आवेदन किया। उसने दावा किया था कि 2015 में उसने शैलेंद्र बाला से उसका मकान और बाड़ी को खरीदा था। जबकि शासकीय पट्टे की भूमि को खरीदना विधि विरुद्ध है। पट्टा को केवल 170 वर्गफुट का था लेकिन नित्यानंद ने 5934 वर्गफुट पर व्यवस्थापन मांगा। जमीन पर कब्जा दिखाने के लिए नगर पंचायत की जो रसीद प्रस्तुत की गई, वह कूटरचित निकली। प्रकरण की सुनवाई के दौरान पता चला कि नित्यानंद सरकार ने दस्तावेजों में कूटरचना कर पट्टा प्राप्त करने का प्रयास किया गया। साथ ही आवेदन में झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया।

करीब 7.40 लाख रुपए भी जमा कर दिए लेकिन भूमि पर व्यवस्थापन के तहत उन्हीं को पट्टा दिया जा रहा था जो 2017 के पहले से निवासरत थे। इसलिए 2015 से कब्जा दिखाने के लिए रसीद प्रस्तुत की गई जो फर्जी निकली। एसडीएम धरमजयगढ़ के कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी नपं धरमजयगढ़ से प्रस्तुत रसीद के संबंध में प्रतिवेदन मांगा गया। पता चला कि उक्त रसीद तो शैलेंद्र बाला के नाम से ही जारी किया गया था। लेकिन उसका नाम मिटाकर नित्यानंद सरकार ने अपना नाम लिख दिया। इसलिए आवेदन खारिज कर जमा की गई राशि को भी शासन के खाते में निहित कर ली गई, लेकिन इस मामले में जमीन पर कब्जा खाली नहीं कराया गया है। उक्त प्लॉट नंबर पर अतिक्रमण अब भी बरकरार है।