रायगढ़, 13 जून (वेदांत समाचार)। जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में मासिक अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी, शाखा प्रभारी तथा प्रशिक्षणरत उप निरीक्षक शामिल हुए।
बैठक के दौरान एसएसपी ने जिले में दर्ज नए अपराधों, गंभीर मामलों की जांच और लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण विवेचना और समय-सीमा के भीतर मामलों के निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावी पुलिसिंग का मूल आधार सक्रिय निगरानी, त्वरित कार्रवाई और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
बैठक में हाल के दिनों में बढ़ रही बाइक चोरी की घटनाओं पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, साइबर थाना और शहरी थाना प्रभारियों को पुराने वाहन चोरों पर लगातार निगरानी रखने, तकनीकी संसाधनों का अधिक उपयोग करने और अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष रणनीति बनाकर काम करना होगा।
फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी को लेकर भी एसएसपी ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान को और प्रभावी बनाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर अन्य जिलों और राज्यों में पुलिस टीम भेजकर फरार अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
महिला अपराधों की समीक्षा के दौरान एसएसपी ने महिला थाना की कार्यप्रणाली की सराहना की और सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर समय-सीमा के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा।
अपराध नियंत्रण के लिए एसएसपी ने बीट आरक्षकों से नियमित फीडबैक लेने, बाजार क्षेत्रों में सशस्त्र जवानों की तैनाती बढ़ाने और माइनर एक्ट के तहत अधिक से अधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदमाशों की लगातार निगरानी और कानूनी कार्रवाई से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।
बैठक में अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया गया। एसएसपी ने “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब, गांजा, जुआ-सट्टा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। वहीं यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यातायात उप पुलिस अधीक्षक को शहर में सुगम और व्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया।
नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए एसएसपी ने सभी थानों में आवश्यक रजिस्टरों का विधिवत संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजपत्रित अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण कर अभिलेखों की जांच करने को कहा। साथ ही विवेचकों को नेटग्रिड और काईमैक्स पोर्टल का अधिकतम उपयोग करने तथा तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए साइबर और सीसीटीएनएस शाखा से सहयोग लेने की सलाह दी।
बैठक में मौजूद प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को संबोधित करते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने उन्हें व्यवहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारियों और विवेचकों के साथ रहकर कार्य की बारीकियों को सीखना ही एक कुशल पुलिस अधिकारी बनने की पहली सीढ़ी है।
बैठक के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने प्रशिक्षु अधिकारियों की अलग से समीक्षा बैठक लेकर उनके प्रशिक्षण और कार्यप्रदर्शन का मूल्यांकन किया तथा उन्हें प्रत्येक क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी के साथ अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। रायगढ़ पुलिस की इस समीक्षा बैठक को जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

