Airtel ने कुछ समय पहले यूजर्स के लिए Priority Postpaid सर्विस को लॉन्च किया था, लेकिन अब कंपनी ने अपनी इस सर्विस का नाम बदलकर Fast Lane कर दिया है. पिछले महीने लॉन्च होने के बाद एयरटेल कंपनी की इस सर्विस ने नेट न्यूट्रैलिटी को लेकर बहस छेड़ दी थी. कंपनी ने पोस्टपेड यूजर्स को बेहतर स्पीड देने वाली 5G नेटवर्क स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी को बनाए रखा है.
Airtel के प्रवक्ता ने कही ये बात
एयरटेल ने अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप से Priority Postpaid का जिक्र हटाकर उसकी जगह Fast Lane अपडेट कर दिया है. एयरटेल के प्रवक्ता ने मनीकंट्रोल से बातचीत में बताया कि प्लान को वापस नहीं लिया गया है. बल्कि, 5G स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी वाले हमारे नए प्लान के लॉन्च पर हमें अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. कंपनी के मुताबिक, लॉन्च कैंपेन खत्म होने के बाद यह बदलाव सिर्फ ब्रैंडिंग तक ही सीमित है.
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि हमारा लॉन्च कैंपेन खत्म हो गया है और हमारी सर्विस को बताने वाला नाम फास्ट लेन हमारी पेशकश की खासियत को दिखाता है. हमारे पोस्टपेड यूजर्स स्लाइस पर बने हुए हैं जो भी यूजर हमारा पोस्टपेड प्लान चुनता है और जिसके पास 5G सपोर्ट वाला फोन है, उन्हें तेज स्पीड, अनलिमिटेड डेटा और शानदार सर्विस जैसे बढ़िया एक्सपीरियंस मिलता है.
एयरटेल ने कहा कि स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर, हम अपने पोस्टपेड यूज़र्स को बेहतर स्पीड दे पा रहे हैं. स्लाइसिंग का प्रीपेड यूजर्स के अनुभव पर कोई असर नहीं पड़ा है.
कब और कैसे शुरू हुआ था बवाल?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब एयरटेल ने 19 मई को प्रायोरिटी पोस्टपेड प्लान को लॉन्च किया था, इन प्लान्स में 5G नेटवर्क स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया. हालांकि इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर एंटरप्राइज़ एप्लिकेशन्स के लिए किया जाता है, लेकिन एयरटेल ने इसे आम पोस्टपेड ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध कराया था.

