रायपुर/धरसींवा, 05 जून (वेदांत समाचार)। धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। क्षेत्र में लंबे समय से उप रजिस्ट्रार कार्यालय की मांग को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने धरसींवा ब्लॉक मुख्यालय में नवीन उप रजिस्ट्रार (उप पंजीयक) कार्यालय की स्थापना की अधिसूचना जारी कर दी है। कार्यालय शुरू होने के बाद क्षेत्र के 60 गांवों के हजारों ग्रामीणों को जमीन-मकान की रजिस्ट्री और अन्य पंजीयन संबंधी कार्यों के लिए रायपुर नहीं जाना पड़ेगा।
क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा ने इसे क्षेत्र के विकास और जनता की सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने लोगों से सरकारी सेवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने का वादा किया था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे शासकीय कार्यों के लिए राजधानी की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
विधायक ने बताया कि अब तक धरसींवा क्षेत्र के लोगों को जमीन की रजिस्ट्री सहित अन्य पंजीयन कार्यों के लिए रायपुर जाना पड़ता था। इस प्रक्रिया में पूरा दिन खर्च होने के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। स्थानीय स्तर पर कार्यालय खुलने से लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी और राजस्व संबंधी कार्यों में भी तेजी आएगी।
उन्होंने इस मांग को स्वीकृति देने के लिए राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और राजस्व विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।
नए उप पंजीयक कार्यालय के अंतर्गत 60 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें कुरा, भेरवा, पंडरभट्टा, मुरा, भैंसमुड़ा, बरतनारा, अकोली, मनोहरा, देवरी, मेहरशखा, कुकेरा, कुथरैल, मौहागांव, मलौद, सिलयारी, कुरूद, पथरी, तरेसर, मंगसा, पवनी, निलजा, तर्रा, बरबंदा, नेउरडीह, नगरगांव, टोर, गिधौरी, गोढ़ी, मोंहदी, रैता, धरसींवा, तिवरैया, परसतराई, सिलतरा, मुनरेठी, टाडा, मांढर, गिरौद, सौंढ़रा, बहेसर, चिखली, कुम्हारी, सारागांव, दौंदेकला, दौंदेखुर्द, जरौदा, छपोरा, भुरकोनी, टेकारी, चरौदा, बाना, कपसदा, धनेली, सांकरा, निमोरा, कन्हेरा, लालपुर, मटिया, कारा और बोरझरा शामिल हैं।
अधिसूचना जारी होने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों, किसानों और जनप्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सुगमता से उपलब्ध हो सकेंगी।

