कोरबा 2 जून 2026 (वेदांत समाचार) । कोरबा जिले के ग्रामीण इलाकों में अवैध महुआ शराब की बिक्री और इसके बढ़ते सेवन से युवा वर्ग तेजी से नशे की गिरफ्त में आता जा रहा है। इससे न केवल गांवों का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है। रजकम्मा गांव की महिलाओं ने पुलिस की पहल पर अपने क्षेत्र को नशामुक्त बनाना तय किया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर तथा कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में सोमवार को कटघोरा थाना अंतर्गत ग्राम रजकम्मा में नशामुक्ति और शराबबंदी को लेकर जनजागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन कटघोरा पुलिस द्वारा किया गया, जिसमें गांव की महिलाओं ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को अवैध महुआ शराब के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा गांव में नशे के खिलाफ सामूहिक वातावरण तैयार करना था।
कटघोरा थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि गांव में कहीं भी अवैध महुआ शराब बनाई या बेची जा रही हो अथवा किसी प्रकार के नशीले पदार्थों का कारोबार हो रहा हो, तो इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि शराब का सेवन और अवैध बिक्री दोनों ही कानूनन अपराध हैं तथा इसका सबसे अधिक असर परिवार और बच्चों के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने महिलाओं को बताया कि नशे की वजह से घरेलू हिंसा, आर्थिक परेशानियां और सामाजिक अस्थिरता जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। कई युवा नशे की लत में पडक़र अपराध की राह पकड़ रहे हैं, जिससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में गांव की महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, जो परिवार और समाज को सही दिशा देने में अहम योगदान दे सकती हैं। वहीं कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह राजपूत ने उपस्थित महिलाओं को साइबर अपराध एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी कॉल जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए ग्रामीणों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। बैठक के अंत में उपस्थित महिलाओं ने नशामुक्ति की शपथ लेते हुए ग्राम रजकम्मा को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन को हर संभव सहयोग देने तथा गांव में अवैध शराब के कारोबार को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने का आश्वासन भी दिया। कटघोरा पुलिस की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जहां महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से गांव को नशामुक्त बनाने की उम्मीद मजबूत होती दिखाई दे रही है।

