कोरबा 2 जून 2026 (वेदांत समाचार)। नगर पालिका निगम द्वारा संचालित किए जा रहे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी नए बस स्टैंड से प्रतिदिन यात्री बसों का आना-जाना छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के लिए हो रहा है। हजारों की संख्या में यात्री इन मार्गों पर प्रतिदिन आना-जाना करते हैं। इस दृष्टि से बस स्टैंड में आवश्यक सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
पूर्ववर्ती विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण कोरबा के समय में तत्कालीन मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा यात्रियों के हित में ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में विस्तृत बस स्टैंड और यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया गया। कालांतर में नगर पालिक निगम के पास इसकी जिम्मेदारी आई तब से इसी प्रकार की व्यवस्था चल रही है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, झारखंड, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र के लिए यात्री गाडिय़ों का संचालन यहां से हो रहा है। यात्री प्रतीक्षालय के अंदर नगर पालिका निगम ने 10 साल पहले वाटर एटीएम की व्यवस्था की थी जो कुछ दिनों तक सेवा देने में सफल रहा और फिर बंद हो गया। भीषण गर्मी के दौरान में भी इसकी यही स्थिति है। काम चलाने के लिए आसपास में कुछ मटके रखे गए हैं और यात्रियों को इन्हीं से अपनी अपनी की जरूरत पूरी करनी पड़ रही है। बस स्टैंड के आसपास से होकर गंदे पानी की निकासी के लिए बनाया गया ड्रेनेज सिस्टम का भी बुरा हाल है। इसकी साफ सफाई नियमित नहीं होने के कारण समस्याएं हैं। लोगों का कहना है कि इस कारण से हवा चलने पर दुर्गंध का सामना उन्हें करना पड़ता है। यात्री बसों के संगठन की ओर से इन समस्याओं के बारे में संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षण समय-समय पर कराया गया है। कुछ महीने पहले आयुक्त और कलेक्टर ने यहां का निरीक्षण किया था। इस समय भी उन्हें यहां की परेशानियों से अवगत कराया गया था। उम्मीद की जा रही थी कि आगे सब कुछ ठीक हो जाएगा लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
दूसरी जगह शिफ्ट करने की है योजना
यह बताना आवश्यक होगा कि कोरबा के बस स्टैंड का संचालन अगले कुछ वर्षों में रिसदी क्षेत्र में किया जाना है। इसके लिए जमीन की तलाश कर ली गई है और नगर पालिक निगम में योजना का मसौदा भी बना दिया है। प्राथमिक तैयारी को भी शुरू किया गया है। वजह बताई जा रही है कि वर्तमान में जिस जगह पर बस स्टैंड संचालित हो रहा है यह स्थान संकुचित हो गया है और सेवाओं में परेशानी हो रही है इसलिए बस स्टैंड को हाईटेक बनाए जाना है लगभग 50 करोड़ की योजना पर सरकार काम करेगी। भले ही इस योजना से सेवाएं बेहतर हो सकेंगे लेकिन यात्रियों को इस पूरे मामले में अपनी जेब ढीली करनी होगी और उसे समय तक उनके लिए समस्याएं और बढ़ जाएगी जो फिलहाल महंगाई के कारण बार-बार शिकायत कर रहे हैं।

