कोरबा। दादर में आयोजित भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान उस समय कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब मेले के समीप बिजली के तार पर करीब 8 फीट लंबा अजगर दिखाई दिया। घटना के समय मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आमजन मौजूद थे। बिजली के तार पर अजगर के बैठे होने से किसी अप्रिय घटना की आशंका के चलते लोगों में दहशत फैल गई।
सूचना मिलते ही कोरबा वन मंडल की अधिकृत रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम का नेतृत्व जितेंद्र सारथी ने किया, जबकि रेस्क्यू अभियान में राजू बर्मन, राकेश मानिकपुरी, साहिल और बॉबी ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। टीम ने पहले भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाया, इसके बाद पूरी सावधानी, धैर्य और तकनीकी दक्षता के साथ अजगर का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद अजगर को सुरक्षित प्राकृतिक वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। वन विभाग की तत्परता और रेस्क्यू टीम की सूझबूझ से संभावित हादला टल गया तथा मेले में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वर्षा ऋतु के दौरान सांप एवं अन्य वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवासों में पानी भरने के कारण रिहायशी क्षेत्रों में निकल सकते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने या वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को दें, ताकि वन्यजीवों और आमजन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वन विभाग ने कहा कि वन्यजीव पर्यावरण एवं जैव विविधता का अभिन्न हिस्सा हैं। इनके संरक्षण और सुरक्षित बचाव में आम नागरिकों का सहयोग भी बेहद आवश्यक है।

