बजट फोन भी हुए बजट से बाहर! इन वजहों से आसमान छू रहे हैं मोबाइल के दाम - vedantsamachar.in

बजट फोन भी हुए बजट से बाहर! इन वजहों से आसमान छू रहे हैं मोबाइल के दाम

Smartphones Price Hike in India: स्मार्टफोन्स के बारे में नई-नई जानकारियों पर अगर आप नजर रखते हैं तो आपने इस बात को जरूर नोटिस किया होगा कि 2026 में कई मोबाइल निर्माता कंपनियों ने स्मार्टफोन्स की कीमत को बढ़ा दिया है. आए दिन कोई न कोई कंपनी फोन की कीमत को बढ़ा रही है, लगातर बढ़ रही कीमतों की वजह से आज बजट से लेकर फ्लैगशिप सेगमेंट तक के फोन की कीमतें आसमान छू रही हैं. पिछले कुछ समय से Oppo, Realme, OnePlus, Samsung जैसे बड़े ब्रैंड्स ने कई मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोतरी की है.

कीमतों के बढ़ने के पीछे की वजह क्या केवल Inflation है? एक वजह ये भी हो सकती है लेकिन, मोबाइल की कीमतों के बढ़ने के पीछे के और भी कई कारण हैं. उदाहरण के लिए Realme C71 को 7699 रुपए में लॉन्च किया गया था, लेकिन कीमत में बढ़ोतरी के बाद अब इस फोन की कीमत 11999 रुपए हो गई है.

प्रोसेसर और AI हार्डवेयर है वजह
मीडियाटेक, क्वालकॉम और बाकी चिप बनाने वाली कंपनियां AI, गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन जैसे-जैसे चीजें एडवांस हो रही हैं, कीमतें बढ़ रही हैं. इन चिप्स को बनाने में पुराने 4G चिप्स के मुकाबले बहुत ज्यादा खर्च आता है.

AI फीचर्स के लिए चुका रहे ज्यादा कीमत
एपल, सैमसंग, गूगल, शाओमी और दूसरे पॉपुलर स्मार्टफोन प्लेयर्स पहले से कहीं ज्यादा AI टेक पर भरोसा कर रहे हैं. आपको फोन में शानदार फोटो एडिटिंग, तुरंत काम करने वाला लाइव ट्रांसलेशन, ज्यादा स्मार्ट AI असिस्टेंट और AI से बनी सर्च समरी जैसे फीचर्स मिलते हैं. इन सभी फायदों के लिए पावरफुल हार्डवेयर की जरूरत होती है, जिससे डिवाइस बनाना और भी महंगा हो जाता है.

5G टेक्नोलॉजी ने बढ़ा दी है कॉस्टिंग
4G नेटवर्क की तुलना में 5G स्मार्टफोन को एडवांस्ड मॉडेम, बेहतर एंटेना, बेहतर कूलिंग और इन सभी चीजों को संभालने के लिए बड़ी बैटरी की जरूरत होती है. इन सभी चीजों की वजह से कीमतें बढ़ रही हैं.

कैमरे और डिस्प्ले भी बढ़ा रहे कीमत
इंडिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों को फोन में सबसे अच्छा एक्सपीरियंस के लिए ज्यादा मेगापिक्सल वाला कैमरा, एमोलेड स्क्रीन, स्मूद रिफ्रेश रेट, जबरदस्त ज़ूम के साथ OIS सपोर्ट चाहिए. इन सभी प्रीमियम चीजों को फोन में देने का मतलब है पार्ट्स पर ज्यादा खर्च जिस वजह से कीमतें भी बढ़ रही हैं.

मैन्युफैक्चरिंग और इम्पोर्ट की बढ़ती लागत
मैन्युफैक्चरिंग और इम्पोर्ट से और दबाव बढ़ता है. हाल ही में ग्लोबल सप्लाई चेन को झटका लगा है. सेमीकंडक्टर, कच्चा माल और कंपोनेंट की शिपिंग ज्यादा महंगी है. प्रीमियम कंपोनेंट अभी भी चीन, ताइवान और साउथ कोरिया जैसी जगहों से प्रीमियम कीमत पर आते हैं.

लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट मतलब ज्यादा खर्च
सॉफ्टवेयर सपोर्ट की भी एक छिपी हुई कीमत होती है. ब्रैंड्स अब वादा करते हैं कि 3 से 7 साल तक अपडेट्स मिलते रहेंगे. ओएस अपडेट से लेकर सिक्योरिटी अपडेट्स तक, इन्हें रोलआउट करने के लिए कंपनी को बड़ी टीम हायर करनी पड़ती है और इंजीनियरिंग में ज्यादा निवेश करना पड़ता है. इन सभी चीजों की वजह से आपको एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने पड़ते हैं.