कोरबा, 13 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। कोरबा साइबर पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल (CSAM) और साइबर ठगी से जुड़े मामलों में कुल 4 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें तीन मामले चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित हैं, जबकि एक मामला साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए म्यूल बैंक अकाउंट के खिलाफ दर्ज किया गया है। सभी मामलों में वैधानिक कार्रवाई करते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पतले और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर नोडल) नीतीश कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत लगातार साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम, जन-जागरूकता बढ़ाना और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना है।
साइबर पुलिस को भारत सरकार के गृह मंत्रालय की साइबर टिपलाइन के माध्यम से चाइल्ड पोर्नोग्राफी एवं चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल (CSAM) से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों का परीक्षण करने के बाद साइबर थाना कोरबा में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस ने इन मामलों में डिजिटल साक्ष्य जुटाने, तकनीकी विश्लेषण करने और संबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच के दौरान दोषी पाए जाने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसी दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण में एक बैंक खाता लेयर-1 में संदिग्ध पाया गया, जिसमें साइबर ठगी की राशि प्राप्त होने की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि इस बैंक खाते के खिलाफ छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं।
प्रारंभिक जांच में यह बैंक खाता साइबर अपराध से अर्जित रकम के लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जाना पाया गया। इसके बाद संबंधित खाताधारक के खिलाफ भी एक एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस बैंक खाते के वित्तीय लेन-देन, उससे जुड़े लोगों की भूमिका और साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क की तकनीकी जांच कर रही है।
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी या साइबर धोखाधड़ी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से सूचना दें। पुलिस ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता न खुलवाएं और न ही किराए या पैसों के लालच में अपना बैंक खाता किसी अन्य को उपयोग के लिए दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या साइबर पुलिस थाना कोरबा को दें।
कोरबा पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

