पूर्वी दिल्ली 20 मई 2026 : राजधानी में पारा चढ़ता जा रहा है। इस भीषण गर्मी में वाहनों में आग लगने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को पारा 44 डिग्री पार था। मंगलवार दोपहर को न्यू अशोक नगर थाने के आवासीय परिसर में बने मालखाने में खड़े वाहनों में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरा मालखाने को आग ने अपने आगोश में ले लिया। थाने से चंद कदमों की दूरी पर ही पेट्रोलपंप बना हुआ है। आग का धुंआ काफी दूर से आसमान में नजर आ रहा था। थाने के पुलिसकर्मियों ने अग्निशामक यंत्र और परिसर में लगे ओवरहेड पानी के टैंक के पानी का इस्तेमाल किया।सूचना मिलते ही दमकल की पांच गाडिय़ां मौके पर पहुंची। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग में करीब 84 वाहन जलकर खाक हो गए। इसमें अधिकतर क्रेस प्रापर्टी वाहन थे। पुलिस व दमकल के आग के सही कारणों के बारे में बता नहीं सकी है। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे थाने के मालखाने में आग लगी थी। पुलिस ने बताया कि मालखाने के पास ही आवासीय परिसर में रहने वाले कर्मचारी भी अपने वाहन खड़े करते हैं। मालखाने में खड़े कुछ वाहनों से धुंआ उठते हुए पुलिसकर्मियों ने देखा। वह उस आग को बुझा पाते इतने में वाहनों से आग की लपटे निकलने लगी। आवासीय परिसर में रहने वाले लोगों ने आनन फानन अपने वाहनों को हटाने में लगे। इसके बाद भी परिसर में रहने वाले वाले कर्मचारियों की चार कार आग की चपेट में आ गईं। मालखाने में करीब 80 वाहन जलकर राख हो गए। आग इतनी भीषण थी कि आसपास के क्षेत्र में धुआं फैल गया। गनीमत रही आग पेट्रोलपंप तक नहीं पहुंची। वहां आग पहुंचने पर अधिक नुकसान हो सकता था।मालखाने में खड़े वाहनों में आग लगी थी। आग कैसे लगी इसके बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता। आशंका है अधिक गर्मी की वजह से वाहनों में ईंधन लीकेज से आग भडक़ गई हो। आग लगते ही पुलिसकर्मी हरकत में आए और आग पर काबू पाने में जुट गए। दमकल का केंद्र पास ही था। दमलकर्मी भी समय पर पहुंच गए।-राजीव कुमार, पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त।दिल्ली पुलिस के मालखानों में पहले भी आग लगी हैं। लेकिन किसी घटना में आग लगने की ठीक वजह कभी सामने नहीं आई। वजीराबाद में दिल्ली पुलिस का सेंट्रल मालखाना है। इसमें पिछले साल करीब छह माह में तीन बार आग लगी थी। 1800 से अधिक वाहन जलकर खाक हो गए।तीनों ही मामलों में सोनिया विहार थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
आग कैसे लगी, पुलिस उसकी वजह का पता नहीं लगा सकी। जो वाहन जले थे वह सभी केस प्रापर्टी थे। पुलिस ने उस दौरान कहा था कि जब्त वाहनों के टैंक में ईंधन रह जाता है। ईंधन लीकेज होने से कई बार आग लग जाती है।

