डेस्क न्यूज़ : डाइटिशियन के रूप में काम करने की वजह से मुझसे लोग अक्सर अलग-अलग मेडिकल कंडीशन की डाइट के बारे में पूछते हैं। जिसमें हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी में फायदेमंद फलों के बारे में अक्सर पूछा जाता है। लोग गर्मी में तरबूज और खरबूजा को लेकर काफी कंफ्यूज रहते हैं कि दोनों में से कौन-सा फल हाई बीपी में ज्यादा फायदेमंद और जल्दी असरदार साबित होता है। दोनों ही फल हेल्दी हैं और पोषण व हाइड्रेशन में मदद करते हैं। लेकिन इनके फायदे हर व्यक्ति की हेल्थ कंडीशन, खाने की आदत और लाइफस्टाइल के मुताबिक विभिन्न हो सकते हैं।
मेरे मुताबिक, ब्लड प्रेशर और दिल की सेहत के लिए कोई एक फल वरदान साबित नहीं होता। लेकिन तरबूज और खरबूजा जैसे हाइड्रेटिंग फ्रूट्स को बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाने से खासकर गर्मी के मौसम में पूरे स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
तरबूज के पोषक तत्व
तरबूज का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा केवल पानी होता है, जिस वजह से यह हाइड्रेशन के लिए सबसे बेस्ट फलों में से एक है। यह फल पोटैशियम, लाइकोपीन, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर होता है। तरबूज के अंदर सिट्रुलिन नाम का अमिनो एसिड होता है, जो ब्लड सर्कुलेशन सुधारने और ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करने में मदद करता है।
ब्लड प्रेशर के हेल्दी लेवल को बनाए रखने के लिए पोटैशियम एक महत्वपूर्ण मिनरल है, क्योंकि यह शरीर में सोडियम को संतुलित करने में मदद करता है। तरबूज के अंदर मौजूद लाइकोपीन एक ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट है, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और इंफ्लामेशन घटाकर हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है।
इस फल में कैलोरी बहुत कम होती है, जिस वजह से यह वजन मैनेज करने में मदद करता है। मोटापा हाइपरटेंशन और हार्ट डिजीज का एक बड़ा रिस्क फैक्टर है, इसलिए लो कैलोरी हाइड्रेटिंग फ्रूट को डाइट में शामिल करना फायदेमंद साबित हो सकता है।
खरबूजा के पोषक तत्व
खरबूजा भी हाइड्रेशन और पोषण देने वाला फल है। इसमें फाइबर, पोटैशियम, विटामिन ए और विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है। तरबूज के मुकाबले इसके अंदर थोड़ा ज्यादा फाइबर होता है, जो डायजेशन और गट हेल्थ के लिए अच्छा होता है।
फाइबर से भरे फूड पेट को देर तक भरा रखते हैं और अनहेल्दी स्नैकिंग से बचाते हैं। खरबूजे से अत्यधिक गर्मी के दौरान इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस में मदद मिलती है और शरीर में पानी की पूर्ति होती है। मेरे मुताबिक, खरबूजा खासतौर से गर्मी में पेट की दिक्कतों, एसिडिटी और कब्ज से परेशान लोगों के लिए फायदेमंद होता है। यह पचने में हल्का होता है।
तरबूज का बीपी और दिल पर प्रभाव
तरबूज में मौजूद सिट्रुलिन ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करके और ब्लड फ्लो बढ़ाकर हाई ब्लड प्रेशर मैनेज करने में सपोर्ट करता है। ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने से दिल पर तनाव कम पड़ता है। दूसरी तरफ, लाइकोपीन एंटीऑक्सीडेंट ब्लड वेसल्स को फ्री रेडिकल के डैमेज से बचाने में मदद करता है। हाई वॉटर कंटेंट होने की वजह से तरबूज डिहाइड्रेशन से बचाता है, जो गर्मी में ब्लड प्रेशर का लेवल बिगाड़ सकता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को तरबूज को संतुलित मात्रा में खाना चाहिए, क्योंकि कोई भी फल ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकता है।
खरबूजे का बीपी और दिल पर प्रभाव
पोटैशियम होने की वजह से खरबूजा भी हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है। यह फ्लूइड बैलेंस रखने और मसल्स व नर्व फंक्शन को बेहतर बनाने में मददगार होता है। हार्ट भी एक मसल ही है, इसलिए पोटैशियम से भरे फूड कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए अच्छे साबित होते हैं।
हेल्दी डाइट के साथ लेने पर खरबूजे में मौजूद फाइबर पाचन और कोलेस्ट्रॉल मैनेजमेंट को सपोर्ट करता है। पाचन अच्छा होने से वजन कंट्रोल रहता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से ब्लड प्रेशर कंट्रोल और हार्ट हेल्थ से जुड़ा है। जो लोग आसानी से पचने वाले फल लेना चाहते हैं और भूख कंट्रोल रखना चाहते हैं, उनके लिए यह बढ़िया ऑप्शन है।
तरबूज और खरबूजा में से क्या है बेहतर?
मेरे मुताबिक बैलेंस्ड डाइट में शामिल करने के लिए दोनों फल हेल्दी हैं। हालांकि, अगर आप खासतौर से ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने और हार्ट हेल्थ को सही रखने वाले ऑप्शन के बारे में पूछें तो खरबूजे से तरबूज थोड़ा ज्यादा बेहतर और जल्दी असर दिखाने वाला है। क्योंकि इसके अंदर बीपी और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद लाइकोपीन और सिट्रुलिन है। साथ ही, गर्मी में हाइड्रेशन, पाचन और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस के लिए खरबूजा बेहतर है। हमेशा ध्यान रखें कि सही ऑप्शन व्यक्ति की शारीरिक जरूरत, हेल्थ कंडीशन और पोर्शन साइज पर निर्भर करता है।

