बिलासपुर, 12 मई (वेदांत समाचार)। बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक स्थित परसापानी और बगलाभाठा गांव आजादी के 78 साल बाद भी सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। बरसात के मौसम में पहाड़ी नाले में पानी भर जाने के कारण दोनों गांवों का संपर्क करीब दो से तीन महीने तक पूरी तरह कट जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों को इस दौरान अस्पताल, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती है। कई बार शिकायत के बावजूद सड़क और पुल निर्माण नहीं होने पर इस मामले को लेकर निलेश विश्वास ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।
मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। कोर्ट ने मामले को गंभीर जनहित से जुड़ा मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया और लोक निर्माण विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
हाई कोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इस समस्या से प्रभावित हैं, इसलिए राज्य सरकार को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना होगा। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के सचिव को व्यक्तिगत शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 जून को निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों पर इस समस्या का लगातार गंभीर असर पड़ रहा है। ऐसे में इस विषय पर सरकार का जवाब जरूरी है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को केस टाइटल और याचिका में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश भी दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल नहीं होने के कारण बरसात में गांव पूरी तरह टापू बन जाता है। मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। लंबे समय से मांग के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

