नई दिल्ली ,13 मई। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने गुरुवार को ब्रिक्स 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच यह उम्मीद बढ़ रही है कि ब्रिक्स वैश्विक अनिश्चितता, संघर्षों और आर्थिक चुनौतियों के बीच एक रचनात्मक और स्थिर करने वाली भूमिका निभाएगा।
विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत मंडपम में ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की मीटिंग में ओपनिंग स्पीच देते हुए कहा, भारत की अध्यक्षता आपके सपोर्ट की तारीफ करती है, जिसने हमारे काम की लगातार तरक्की में मदद की है। बता दें, 2026 में भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। मौजूदा ग्लोबल हालात पर जोर देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है जब अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बड़े बदलाव और अस्थिरता है।
उन्होंने कहा, हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब अंतरराष्ट्रीय संबंधों में काफी उतार-चढ़ाव हैं, चल रहे झगड़े, आर्थिक अनिश्चितताएं और व्यापार, तकनीक और जलवायु को लेकर चुनौतियां वैश्विक माहौल को बना रही हैं। ब्रिक्स समूह के महत्व पर जोर देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, खासकर उभरते बाजारों और विकासशील देशों से यह उम्मीद बढ़ रही है कि ब्रिक्स एक संरचनात्मक और स्थिर करने वाली भूमिका निभाएगा।
चल रही बातचीत के महत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चर्चाओं ने बड़े वैश्विक और क्षेत्रीय विकास पर सोचने और सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के प्रैक्टिकल तरीकों को खोजने का मौका दिया। जलवायु से जुड़ी चिंताओं को लेकर भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि क्लाइमेट चेंज एक जरूरी ग्लोबल मुद्दा बना हुआ है जिस पर मिलकर ध्यान देने की जरूरत है।

