रायपुर 11 मई 2026। छत्तीसगढ़ की शांत और हरित वादियों के बीच बसे जशपुर जिले के ग्राम पंचायत चंदागढ़ का विकास आज पूरे प्रदेश को प्रेरित कर रहा है। यह उस बदलाव की गाथा है, जो एक संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व से ही संभव हो सकता है। गरीबों के सपनों के साकार होने की, महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की और शासन की योजनाओं के धरातल पर उतरने की कहानी है चंदागढ़। इस विकास के केंद्र में हैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जिनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का विकास लोगों के जीवन में महसूस किया जा रहा है।
गांव की बदली तस्वीर कर रही सपने साकार
जशपुर जिले के पत्थलगांव जनपद पंचायत के तहत ग्राम पंचायत चंदागढ़ में सैकड़ों लोगों का वर्षों पुराना सपना आज साकार हुआ है। कभी कच्ची झोपड़ियों में जीवन बिताने के लिए मजबूर परिवार आज पक्के मकानों में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस गांव के कुल 304 हितग्राहियों को मकान स्वीकृत हुए जिनमें से 245 मकान सम्पूर्ण रूप से बनकर तैयार हो चुके हैं। इस निर्माण से 245 परिवारों के जीवन में आने वाली स्थिरता, साय सरकार के सुरक्षा का प्रतीक है। चंदागढ़ निवासी भवन साय जैसे बहुत से परिवार जो वर्षों तक कच्चे मकानों में बारिश, ठंड और गर्मी की मार झेलते रहे, वे आज पक्के घरों में सुकून से रह रहे हैं। बरसात के दिनों में टपकती छत और असुरक्षा का भय अब पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। छत्तीसगढ़ में होने वाला यह परिवर्तन बताता है कि जब शासन की योजनाएं सही दिशा, सही नेतृत्व और नीयत के साथ लागू होती हैं तो वो समाज की सबसे निचली पंक्ति तक पहुंचती हैं। संवेदनशील नेतृत्व देते हुए मुख्यमंत्री बने आमजन के साथी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नेतृत्व मानवीय संवेदनाओं से भी भरा हुआ है। हाल ही में इसका जीवंत उदाहरण तब और देखने को मिला जब वे जशपुर के आकस्मिक दौरे पर भैंसामुड़ा गांव पहुंचे।वहां उनकी नजर अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन घर पर पड़ी। वे तुरंत अपने वाहन से उतरकर निर्माण स्थल पर पहुंचे, कार्य का निरीक्षण किया और श्रमिकों के प्रयासों की सराहना की। सबसे भावुक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने स्वयं ईंट जोड़कर श्रमदान किया।
शासन और जनता के बीच कोई दूरी नहीं है इस संदेश को प्रदर्शित करने वाला यह दृश्य केवल प्रतीकात्मक नहीं था। हितग्राही अनुसुइया पैंकरा का भावुक होकर मुख्यमंत्री को आभार व्यक्त करना इस बात का प्रमाण है कि इस योजना से उन्हें केवल मकान ही नहीं मिल रहा बल्कि सम्मान और सुरक्षा भी मिल रही है।
पक्का आवास नया आसरा नव जागरण का नव संदेश
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत इंजानी निवासी गौतम पिता मुरारी लाल के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। अपने पूरे परिवार के साथ कच्चे मकान में रहने वाले गौतम के लिए बरसात के दिनों की याद भी दर्दनाक है। बारिश का पानी घर में टपकता था जिससे परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। बरतसात के अलावा भी कच्चे मकान में हर मौसम में असुरक्षा और चिंता बनी रहती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जब उन्हें पक्का मकान बनाने की स्वीकृति मिलते ही उनके जीवन में नई उम्मीद जगी। प्राप्त शासकीय आर्थिक सहायता और अपनी बचत से उन्होंने अपना पक्का घर तैयार किया। आज उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है।
गौतम सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि “प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी सौगात है, जिसने उनके अपने घर के सपने को साकार किया।” गौतम की कथा बताती है कि शासन की योजनाएं जब सही और जरूरतमंदों तक पहुंचती हैं तो उनका जीवन बदलने में अहम भूमिका निभाती हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना आज ऐसे ही कई परिवारों के लिए खुशियों का आधार बन रही है।महिलाओं के आत्मनिर्भरता की नई राह बन रही महतारी वंदन योजना
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण की राह में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।ग्राम पंचायत चंदागढ़ की हरवती चौहान इस बात का जीवंत प्रमाण हैं क्योंकि हरवती चौहान ने इस योजना से प्राप्त राशि को संचित कर अपने लिए एक स्कूटी खरीदी। आज उनके पास अपने गांव से शहर तक आसानी से आवागमन का अपना साधन हो गया है जिस पर सवार होकर आज वे अपने परिवार की जरूरतों को स्वयं पूरा कर रही हैं। यह स्कूटी उनकी स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इसी तर्ज़ पर ग्राम कुनकुरीकला की पुष्पा पैंकरा ने इस योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर सब्जी-भाजी का छोटा व्यवसाय शुरू किया है। इस व्यवसाय की आमद से आज वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा भी सुनिश्चित कर पा रही हैं। शासकीय योजनाओं से आने वाले ऐसे बदलाव से इस बात का पता चलता है कि जब महिलाओं को अवसर मिलता है तो वे पूरे परिवार और समाज को आगे बढ़ाती हैं।
स्व-सहायता समूह के छोटे प्रयास से हुआ बड़ा बदलाव
ऐसे ही आत्मनिर्भरता से भरपूर है ग्राम पोपरेंगा की प्यारी चौहान की कहानी। वे भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर वर्ष 2014 से छोटे-छोटे ऋण लेकर सिलाई काम कर रही हैं। मात्र 30 हजार रुपये के ऋण से शुरू हुआ यह सफर आज उन्हें प्रति माह 4 से 5 हजार रुपये की आय की स्थिति तक पहुँचा दिया है । यह आय भले ही छोटी लगे लेकिन यही छोटी सी आमदनी उनके लिए आत्मसम्मान और स्वतंत्रता का आधार बन रही है। मुख्यमंत्री के साथ भोजन करने का अवसर उनके जीवन का एक विशेष क्षण बन गया। यह अनुभव बताता है कि साय सरकार केवल योजनाएं लागू नहीं कर रही बल्कि लोगों के साथ जुड़कर उनकी समस्याओं और उपलब्धियों को समझ रही है।जन चौपाल और संवाद से संवरता लोकतंत्र का स्वरूप
ग्राम सिलमा में आयोजित जन चौपाल के बाद मुख्यमंत्री का हितग्राहियों के साथ भोजन करना एक शानदार और आत्मिक पहल है। यह औपचारिक कार्यक्रम जनप्रतिनिधि और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। इस दौरान महिलाओं ने अपनी आत्मनिर्भरता की कहानियां साझा की जिन्हें सुनकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। यह संवाद दर्शाता है कि साय सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उनके प्रभाव को समझना और उन्हें और बेहतर बनाना है। विकास की नई परिभाषा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य विकास की नित नई इबारत लिख रहा है। सड़कों और भवनों के इतर सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण पर भी बहुत काम किया जा रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भरता, गरीबों को पक्के मकान, ग्रामीणों को रोजगार के अवसर और शासन से सीधा संवाद जैसी शुरुआतों ने मिलकर एक ऐसे छत्तीसगढ़ के निर्माण को गति दी है जहां हर नागरिक को समान अवसर और सम्मान मिल रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनभावनाओं के सच्चे प्रतिनिधि
सरलता और जनसरोकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी विशेषताओं में से एक हैं। वे योजनाओं की समीक्षा करने वाले प्रशासक भी हैं और जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने वाले नेता भी। हितग्राहियों के लिए उनका श्रमदान करना, हितग्राहियों के साथ भोजन करना, महिलाओं को प्रोत्साहित करना ये सभी उन्हें एक जनप्रिय और संवेदनशील नेता के रूप में स्थापित करती हैं। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शासन की छवि बदल रही है जहां सरकार प्रदेश के हर नागरिक के साथ खड़ी दिखाई देती है।
ऐसा माना जाता है कि जब नेतृत्व ईमानदार हो, नीयत साफ हो और योजनाएं सही तरीके से लागू की जाएँ तो समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक विकास पहुंचता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज उस मार्ग पर आगे बढ़ रहा है जहां हर घर में खुशहाली, हर महिला में आत्मविश्वास और हर नागरिक के जीवन में सम्मान है।

