मुनगाडीह सरपंच- सचिव के भ्रष्ट्राचार की खुल रही परतें : तत्कालीन सरपंच कार्यकाल में हुए पेयजल स्रोतों के काम को वर्तमान का बताकर डकार ली 1.41 लाख की राशि – vedantsamachar.in

मुनगाडीह सरपंच- सचिव के भ्रष्ट्राचार की खुल रही परतें : तत्कालीन सरपंच कार्यकाल में हुए पेयजल स्रोतों के काम को वर्तमान का बताकर डकार ली 1.41 लाख की राशि

0 मरम्मत और नवनिर्माण के नाम पर भी 1.27 लाख के वित्तीय अनियमितता को दिए गए अंजाम.

0 ग्रामीणों और पंचो में भारी रोष व्याप्त.

कोरबा/पाली, 07 मई (वेदांत समाचार):- ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने सरकार और प्रशासन द्वारा केंद्रीय मद के 15वें वित्त की राशि उपयोग के लिए ग्राम पंचायतों की जवाबदेही तय की गई है। सरकार की मंशा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को समाप्त किया जा सके। ज्यादातर पंचायतें इस दिशा में सकारात्मक कार्य कर रही है, लेकिन मुनगाडीह पंचायत में भ्रष्ट्राचार का आलम यह है कि इस योजना पर बंदरबांट का खेल भारी देखा जा रहा है। जहां पेयजल स्रोतों में कार्य दिखाकर तत्कालीन सरपंच के कार्यकाल में हुए काम को वर्तमान का बता मोटी राशि डकार ली गई।

एक ओर जहां सरकार ग्रामीण विकास के लिए लाखों रुपए ग्राम पंचायतों को प्रदान करती है, जिससे गांवों का विकास हो सके, लेकिन धन लिप्सा की चाह रखने वाले भ्रष्ट्र किस्म के कुछ सरपंच- सचिव मिलकर शासन के विकास योजनाओं पर पलीता लगाने में पीछे नही है। ऐसे पंचायतें के सर्वे में तस्वीर कुछ और ही नजर आती है, जहां अधिकतर काम धरातल के बजाय कागजों पर होता है।

कुछ इसी तरह की तस्वीरें जिले के पाली जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत मुनगाडीह का सामने आया है। इस पंचायत सरपंच- सचिव के आपसी सांठगाठ से कागजों में शौचालय मरम्मत, अतिरिक्त कक्ष निर्माण व जीर्णोद्वार के काम मुकम्मल कराकर 1.27 लाख की राशि 15वें वित्त से निकाल ली गई है तो पेयजल स्रोतों के रखरखाव और नए स्रोतों पर कार्य किया जाना बताकर भी 1.41 लाख का वारा- न्यारा किया गया है। जियोटैग के मुताबित सरपंच- सचिव के मिलीभगत से सबमर्सिबल पंप, पानी टंकी स्थापना के नाम पर रिचार्ज बाउचर तिथि 09/01/2026 में जो राशि निकाली गई है उनमें आश्रित मोहल्ला बगईनाला 26 हजार, बिंझवारपारा 35 हजार 800 रुपए, धनुहारपारा 70 हजार 604 रुपए व प्राथमिक शाला धनुहार पारा हेतु 9 हजार 396 रुपए की राशि आहरण की गई है।

वर्तमान सरपंच और सचिव द्वारा बिना काम 1 लाख 41 हजार 800 रुपए की राशि आहरण के कारनामे को लेकर ग्रामवासियों में भारी रोष व्याप्त है एवं उनका कहना है कि उक्त जिन मोहल्लों में पेयजल स्रोतों के कामों को कागजों में वर्तमान का दिखाकर जो राशि निकाली गई है, वास्तव में पेयजल संकट से राहत दिलाने जल स्रोतों के वे सभी काम तत्कालीन सरपंच रामानंद के कार्यकाल में हुआ है, जो सही सलामत संचालित है, लेकिन हाल के सरपंच ने इन कार्यों की आड़ में शासन को चूना लगाने के साथ ही जनता द्वारा सरकार को टैक्स के रूप में दिए जाने वाले खून- पसीने की कमाई के पैसे पर भ्रष्ट्राचार किया गया है। ऐसे में संबधित अधिकारी मुनगाडीह पंचायत के भ्रष्ट्राचार पर संज्ञान लेकर जांच करवाई करेंगे अथवा भ्रष्ट्राचारियों को बढ़ावा देने का काम करेंगे? यह तो आगे की प्रशासनिक व्यवस्था द्वारा तय किया जाना है, बहरहाल इस पंचायत में और भी अन्य घोटालें मामले सामने आए है, जिसे अगले खबर में प्रसारित किया जाएगा।