मसीह समाज द्वारा कब्रिस्तान जा अपने परिजनों की कब्र फूलो से सजा मोमबत्तीयो से की रोशन सप्ताह भर पहले से ही खबरों को रंग रोगन कर एक सुंदर रूप दे रहे थे
कोंडागांव, 05 अप्रैल (वेदांत समाचार) ।ईसाई समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण पर्व ईस्टर के अवसर पर जिले भर के चर्चों में रविवार को श्रद्धा, उत्साह और उमंग का अद्भुत माहौल देखने को मिला। मसीह समाज की मान्यता के अनुसार प्रभु यीशु मसीह गुड फ्राइडे के दिन सूली पर चढ़ाए जाने के बाद तीसरे दिन रविवार को पुनः जीवित हो उठे थे। इसी पुनरुत्थान की खुशी में ईस्टर का पर्व मनाया जाता है, जिसे लेकर कोंडागांव के सभी चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया।
सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ चर्चों में उमड़ पड़ी। लोगों ने नए वस्त्र पहनकर प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की खुशी में एक-दूसरे को ईस्टर की शुभकामनाएं दीं। चर्चों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और उल्लासमय हो उठा। प्रार्थना सभाओं में पादरियों ने प्रभु यीशु के त्याग, प्रेम और मानवता के संदेश को विस्तार से बताया।
इस अवसर पर विशेष भजन-कीर्तन और गीतों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। “प्रभु जीवित हो उठे हैं” जैसे गीतों से पूरा वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने मोमबत्तियां जलाकर प्रभु से शांति, प्रेम और भाईचारे की प्रार्थना की।
पादरियों ने अपने संदेश में कहा कि प्रभु यीशु का पुनरुत्थान हमें यह सिखाता है कि सत्य और अच्छाई की हमेशा विजय होती है। यह पर्व निराशा पर आशा, अंधकार पर प्रकाश और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से आपसी प्रेम, क्षमा और सेवा की भावना को अपनाने का आह्वान किया।
ईस्टर के इस पावन अवसर पर चर्च परिसरों में विशेष कार्यक्रमों के साथ-साथ सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी समुदायों के लोगों ने हिस्सा लिया। बच्चों के लिए भी कई आकर्षक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिससे उनके चेहरे खुशी से खिल उठे।
