जगदलपुर, 09 जुलाई (वेदांत समाचार)। बस्तर संभाग में आदिवासियों और स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका का मुख्य साधन तथा हरा सोना कहा जाने वाला तेंदूपत्ता सड़क किनारे पड़ा नजर आया। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम सरगीपाल में सड़क किनारे तेंदू पत्तों से भरी कई बोरियां लावारिस हालत में पड़ी हुई हैं। रख-रखाव के अभाव और बोरियों की सिलाई फटने के कारण कीमती तेंदू पत्ते सड़क पर बिखर रहे हैं।
रसायन शास्त्र आशंका जताई जा रही है कि बीते दिनों इस मार्ग से गुजर रहा तेंदूपत्तों से लदा कोई मालवाहक वाहन (ट्रक या ट्रेलर) यहाँ अनियंत्रित होकर पलट गया होगा। संभवत: वाहन मालिक अपने वाहन को तो मौके से ले गया, लेकिन पत्तों से भरी इन बोरियों को सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है। यदि समय रहते इन बोरियों को सुरक्षित गोदामों तक नहीं पहुँचाया गया, तो नमी के कारण बस्तर का यह हरा सोना सड़कर पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।

