वॉशिंगटन,23 अप्रैल । अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बैठक होने की संभावना है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद दोनों देश जल्द बातचीत की टेबल पर लौट सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा है कि यह बैठक जल्द होना संभव है।
ईरानी राष्ट्रपति बोले- धमकियां बातचीत में रुकावट बन रहीं
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने मंगलवार को कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उनके विरोधी धमकियों और आक्रामक कदमों के जरिए बातचीत को कमजोर कर रहे हैं।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा बातचीत और समझौते का स्वागत किया है और आगे भी करता रहेगा। लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बुरी नीयत, घेराबंदी और धमकियां ही सार्थक बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि विरोधी पक्ष की बातों और कामों में फर्क है। उनके मुताबिक दुनिया दिखावटी और खोखली बातों को देख रही है, जिससे भरोसा कमजोर होता है।
ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर के संबंध में अच्छी खबर शुक्रवार तक आ सकती है। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ने एक मैसेज में कहा कि यह संभव है।
वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ अगले 36 से 72 घंटों के भीतर नई बातचीत शुरू हो सकती है।
हालांकि, ईरान का कहना है कि उसने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह अमेरिका के साथ नये दौर की वार्ता में शामिल होगा या नहीं।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
तेल पर छूट बढ़ी: अमेरिका ने रूसी तेल की खरीद पर लगी पाबंदियों में दी गई छूट को 30 दिन के लिए बढ़ा दिया है। यह फैसला करीब 10 देशों की मांग पर लिया गया है, जो तेल की कमी का सामना कर सकते हैं।
ट्रम्प का एकतरफा सीजफायर: अमेरिका ने पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाया गया। ट्रम्प ने कहा कि ईरान में इस समय नेतृत्व और सरकार में एकजुटता नहीं है।
ईरान का सीजफायर से इनकार: ईरान ने किसी भी तरह के सीजफायर से इनकार किया है। मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहा कि सीजफायर तभी संभव है जब नाकाबंदी हटाई जाए।
होर्मुज में जहाज जब्त: ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों को जब्त कर लिया और कहा कि इस रास्ते की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। इससे पहले इन पर गोलीबारी भी की गई।
20 हजार उड़ानें रद्द: यूरोप की सबसे बड़ी एयरलाइन लुफ्थांसा ने ईरान युद्ध के बाद बढ़ी ईंधन कीमतों के चलते 20 हजार उड़ानें रद्द करने का फैसला किया है।
