कोरबा, 04 अप्रैल (वेदांत समाचार)। गेवरा हाउस, SECL में शुक्रवार को Coal India Limited के चेयरमैन बी. साईराम की गरिमामयी उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में SECL प्रबंधन, संचालन समिति एवं विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
SECL प्रबंधन की ओर से CMD हरिश दुहान, DT(O) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, D(HR) बिरांची दास, D(F) सुनील कुमार, DT(P&P) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं श्रमिक संगठनों की ओर से सुजीत सिंह (BMS), नत्थूलाल पांडेय (HMS), अजय विश्वकर्मा (AITUC), गोपाल नारायण (INTUC), वी.एम. मनोहर (CITU) एवं खुल्लर (CMOAI) सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपनी भागीदारी निभाई।
बैठक के दौरान श्रमिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। श्रमिक प्रतिनिधियों ने आश्रितों को उनकी शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता के आधार पर रोजगार प्रदान करने की मांग रखी। साथ ही ठेका श्रमिकों को Coal Mines Provident Fund Organisation (CMPF) के दायरे में शामिल करने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा, शारीरिक रूप से अक्षम कर्मचारियों को मेडिकल अनफिट घोषित कर उनके आश्रितों को रोजगार देने का प्रस्ताव भी रखा गया। बैठक में SECL के 25 प्रतिशत शेयर IPO के माध्यम से बेचने के प्रस्ताव पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। श्रमिक संगठनों ने इसे कंपनी और कर्मचारियों के हितों के विपरीत बताया।
श्रमिक प्रतिनिधियों ने Labour Codes India 2020 के लागू होने का विरोध करते हुए कहा कि इससे श्रमिकों के अधिकारों में कमी आएगी, ट्रेड यूनियन कमजोर होंगी और कई महत्वपूर्ण श्रम कानून समाप्त हो सकते हैं।
इसके साथ ही JBCCI-12 के गठन में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए शीघ्र गठन की मांग की गई। भू-आश्रित रोजगार प्रक्रिया को सरल बनाने तथा कोयला डिस्पेच के लिए रेलवे रैक की कमी को दूर करने की आवश्यकता भी प्रमुखता से उठाई गई।
CMOAI के सदस्यों ने अधिकारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी अपने विचार रखे। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें श्रमिकों के हितों की रक्षा, संगठनात्मक मजबूती एवं औद्योगिक समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।
