बिलासपुर, 07 जुलाई (वेदांत समाचार) । बिलासपुर के लालखदान चौकसे कॉलेज रोड पर नाली निर्माण के नाम पर खोदे गए गड्ढे और सड़क किनारे छोड़े गए मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर अब राहगीरों के लिए परेशानी और दुर्घटना की वजह बनते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरसात के बीच शुरू किए गए इस कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया, जबकि नाले के पानी के बहाव में बाधा बने अवैध कब्जों और अतिक्रमण को हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं।लालखदान चौकसे कॉलेज रोड से प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली विद्यार्थी, कॉलेज छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक गुजरते हैं।
आरोप है कि हॉली क्रॉस स्कूल और चौकसे कॉलेज के सामने नाली निर्माण के लिए गड्ढे तो खोद दिए गए, लेकिन उनसे निकली मिट्टी को कई सप्ताह बाद भी सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया। बारिश के कारण यही मिट्टी सड़क पर फैल रही है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा लगातार बना हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मिट्टी नहीं हटाई गई और अधूरा काम पूरा नहीं किया गया, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है… स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नाले के जिन हिस्सों पर वर्षों से अतिक्रमण और निर्माण होने के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित है, वहां कार्रवाई के बजाय केवल एक हिस्से में खुदाई कर दी गई।
इससे जनप्रतिनिधियों की मंशा और कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि हाल ही में मिट्टी के ढेर के कारण एक वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हुआ, जिसके बाद विवाद की स्थिति भी बनी। नागरिकों की मांग है कि सड़क किनारे पड़े मिट्टी के ढेर तत्काल हटाए जाएं, अधूरा नाला निर्माण पूरा किया जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।

