रिलायंस ज्वेलर्स में 17.50 लाख के सोने के आभूषणों की हेराफेरी का खुलासा, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार; 80 ग्राम सोना बरामद - vedantsamachar.in

रिलायंस ज्वेलर्स में 17.50 लाख के सोने के आभूषणों की हेराफेरी का खुलासा, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार; 80 ग्राम सोना बरामद

रायपुर, 03 अगस्त (वेदांत समाचार)। राजधानी रायपुर के गोलबाजार थाना क्षेत्र स्थित रिलायंस ज्वेलर्स में लाखों रुपये के सोने के आभूषणों की सुनियोजित हेराफेरी करने वाले पूर्व कर्मचारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने असली सोने के कंगनों को निकालकर उनकी जगह समान वजन और डिजाइन के नकली कंगन रख दिए थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 80 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 14.50 लाख रुपये बताई गई है।

मामले का खुलासा रिलायंस ज्वेलर्स के स्टोर मैनेजर की शिकायत के बाद हुआ। शिकायत में बताया गया था कि स्टोर में रखे 22 कैरेट सोने के तीन सेट (पांच नग) कंगनों, जिनका कुल वजन लगभग 103.832 ग्राम था, को बदलकर उनकी जगह नकली कंगन रख दिए गए। इस हेराफेरी से कंपनी को करीब 17.50 लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई।

इस मामले में गोलबाजार थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 116/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(4) में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देश पर परिवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षक अमित कोसमा और निरीक्षक स्वराज त्रिपाठी के नेतृत्व में मामले की जांच की गई।

जांच के दौरान पुलिस का संदेह रिलायंस ज्वेलर्स के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव पर केंद्रित हुआ। पूछताछ में आरोपी ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया और खुद को निर्दोष बताया, लेकिन स्टॉक ऑडिट, दस्तावेजी साक्ष्य, तकनीकी जांच और लगातार पूछताछ के बाद उसने आभूषणों की हेराफेरी करना स्वीकार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2017 से रिलायंस ज्वेलर्स में काम कर रहा था और स्टोर की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह परिचित था। कंपनी की मासिक जमा योजना से जुड़े कई ग्राहकों से उसका सीधा संपर्क था। आर्थिक तंगी, कर्ज और वित्तीय दबाव के चलते उसने पहले ग्राहकों द्वारा जमा कराई गई राशि का निजी उपयोग करना शुरू किया। इसके बाद जब ग्राहकों ने आभूषणों की मांग की तो उसने स्टोर से असली सोने के कंगन निकालकर उनकी जगह नकली कंगन रखने शुरू कर दिए।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कंपनी के स्वर्ण शोधन (मेल्टिंग) कार्य से जुड़ी प्रक्रिया का फायदा उठाता था। वह कंपनी की यूनिफॉर्म पहनकर अधिकृत प्रतिष्ठान में जाता था, जहां पहले से पहचान होने के कारण उसकी गतिविधियों पर किसी को शक नहीं हुआ। आरोपी असली सोना गलवाकर उसे अन्य लेन-देन में उपयोग करता था।

जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने किश्तों के माध्यम से सोने के आभूषण खरीदने वाली दो महिला ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी की। उसने ग्राहकों के पैसे और आभूषणों में हेराफेरी कर बाद में फर्जी बिलों के माध्यम से उन्हें आभूषण उपलब्ध कराने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर संबंधित आभूषण और बिल जब्त किए। रिलायंस ज्वेलर्स से सत्यापन कराने पर बिल फर्जी पाए गए।

इसके बाद पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज से संबंधित धाराओं में बढ़ोतरी करते हुए BNS की धारा 336(3), 318(4), 338 और 340(2) भी जोड़ दी हैं।

पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की जांच भी की, जिसमें सामने आया कि वह पुलिस जांच, गिरफ्तारी, जमानत और पूछताछ की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन और एआई आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुटा रहा था। जांच में आरोपी पर कई ऋण और वित्तीय देनदारियां होने की बात भी सामने आई है।

आरोपी मनोज यादव की निशानदेही पर पुलिस ने रेडमी कंपनी का मोबाइल फोन और फर्जी बिलों के माध्यम से बेचे गए करीब 80 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए हैं। बरामद सोने की कीमत लगभग 14.50 लाख रुपये आंकी गई है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी के अन्य आर्थिक लेन-देन, संभावित पीड़ित ग्राहकों और इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की जांच कर रही है।