संवाद से समाधान कार्यक्रम: रायपुर पब्लिक स्कूल में पुलिस ने छात्रों और महिलाओं को साइबर सुरक्षा, नए कानून और महिला सुरक्षा के प्रति किया जागरूक - vedantsamachar.in

संवाद से समाधान कार्यक्रम: रायपुर पब्लिक स्कूल में पुलिस ने छात्रों और महिलाओं को साइबर सुरक्षा, नए कानून और महिला सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

  • डीसीपी नॉर्थ दीपमाला कश्यप ने दी भारतीय न्याय संहिता, साइबर अपराधों से बचाव और कमिश्नरेट पुलिस प्रणाली की जानकारी, 150 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा

रायपुर, 03 अगस्त (वेदांत समाचार)। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के उत्तर जोन अंतर्गत थाना उरला पुलिस ने रायपुर पब्लिक स्कूल, उरला में “संवाद से समाधान” जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, महिलाओं और विद्यालय स्टाफ को नए आपराधिक कानूनों, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और कमिश्नरेट पुलिस प्रणाली के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उत्तर जोन की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) दीपमाला कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने विद्यार्थियों को नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की प्रमुख विशेषताओं और उनके महत्व के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी।

डीसीपी ने साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े अपराधों के प्रति सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने, अपनी निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस उपायुक्त ने कमिश्नरेट पुलिस प्रणाली की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, त्वरित और जनहितैषी बनाना है। उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट प्रणाली के माध्यम से नागरिकों को बेहतर और शीघ्र पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस अवसर पर महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। छात्राओं और महिलाओं को उनके अधिकारों, अपराध की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता एवं सुरक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। इनमें साइबर अपराध के लिए 1930, महिला हेल्पलाइन के लिए 181, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098 और आपातकालीन पुलिस, एंबुलेंस एवं फायर सेवा के लिए 112 नंबर की जानकारी दी गई। इसके अलावा पिंक पेट्रोलिंग यूनिट हेल्पलाइन/व्हाट्सएप नंबर 94792-10932 के बारे में भी बताया गया। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नए कानूनों, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका डीसीपी दीपमाला कश्यप ने सरल और व्यवहारिक तरीके से जवाब देकर समाधान किया।

कार्यक्रम में 150 से अधिक छात्र-छात्राएं, महिलाएं और विद्यालय स्टाफ शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को कानून के प्रति जागरूक करना, साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताना और पुलिस एवं जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करना है।

थाना उरला पुलिस ने कार्यक्रम के अंत में लोगों से नए कानूनों का पालन करने, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने और किसी भी अपराध, साइबर ठगी या महिला संबंधी घटना की जानकारी तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन नंबर पर देने की अपील की। पुलिस ने कहा कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं।