- लखनपुर के प्राचीन शिव मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई
रायपुर/सरगुजा, 3 अगस्त 2026 (वेदांत समाचार)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और जलाभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव से छत्तीसगढ़वासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और प्रदेश की निरंतर उन्नति की कामना की।
श्रावण सोमवार के अवसर पर लखनपुर शिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठा। मंत्री राजेश अग्रवाल ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर जल, दुग्ध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। उन्होंने प्रदेशवासियों के कल्याण और जनहित की प्रार्थना करते हुए श्रद्धालुओं को श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं।
पूजन के बाद मंत्री राजेश अग्रवाल ने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनकी आस्था और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का विशेष आध्यात्मिक महत्व रखने वाला महीना है। भगवान भोलेनाथ करुणा, त्याग, समानता और लोककल्याण के प्रतीक हैं। उनकी कृपा से प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहे और समाज में आपसी भाईचारा एवं सद्भाव कायम रहे, यही कामना है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों और आस्था केंद्रों के विकास के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर प्रदेश की अमूल्य पहचान है। सरकार का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले।
लखनपुर शिव मंदिर में आयोजित इस धार्मिक आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण की प्रार्थना की। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। श्रावण मास का पहला सोमवार श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

