नौकरी दिलाने के नाम पर 1.91 लाख की ठगी, बस्तर पुलिस ने दुर्ग-भिलाई से आरोपी को किया गिरफ्तार - vedantsamachar.in

नौकरी दिलाने के नाम पर 1.91 लाख की ठगी, बस्तर पुलिस ने दुर्ग-भिलाई से आरोपी को किया गिरफ्तार

जगदलपुर, 02 अगस्त (वेदांत समाचार)। बस्तर पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को दुर्ग-भिलाई से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मंत्रालय रायपुर में अच्छी पहचान होने का झांसा देकर फूड इंस्पेक्टर के पद पर नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया और पीड़ित से 1.91 लाख रुपये की रकम गूगल पे और चेक के माध्यम से ले ली। नौकरी नहीं लगने और पैसे वापस नहीं करने पर पीड़ित ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी लीलाधर राठौर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस के अनुसार, जगदलपुर के आसना स्कूल पारा निवासी विनोद पानीग्राही (43) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके परिचित लारेन्स एन्थोनी कुज ने मंत्रालय रायपुर में अपनी अच्छी पहुंच होने का दावा करते हुए उसे फूड इंस्पेक्टर के पद पर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। इस भरोसे में आकर पीड़ित ने 24 जुलाई 2022 से 20 सितंबर 2024 के बीच आरोपी के बैंक खाते में गूगल पे और चेक के माध्यम से कुल 1,91,500 रुपये जमा किए।

रकम लेने के बाद आरोपी लगातार नौकरी लगने का झांसा देता रहा। जब पीड़ित ने बार-बार नियुक्ति सूची और नौकरी की जानकारी मांगी तो आरोपी उसे टालता रहा। काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने और पैसे वापस नहीं करने पर पीड़ित ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी लगातार फरार था और अपना मोबाइल भी बंद कर रखा था। पुलिस टीम ने कई बार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। आखिरकार मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दुर्ग-भिलाई स्थित उसके घर के पास से उसे हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में आरोपी लारेन्स एन्थोनी कुज (57), निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र भिलाई, जिला दुर्ग ने पीड़ित से गूगल पे के माध्यम से रुपये लेने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया, जिसमें लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद 2 अगस्त 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठौर, उपनिरीक्षक अरुण मरकाम, प्रधान आरक्षक भूपेंद्र पैकरा, प्रधान आरक्षक राजू टोप्पो, विनोद चांदने, मोहन कश्यप तथा आरक्षक उज्जवल सिंह, रंगलाल खरे, त्रिनाथ कश्यप और तामेश्वर चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।