कोरबा, 13 अप्रैल (वेदांत समाचार)। वेदांता एल्युमीनियम की इकाई भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने छत्तीसगढ़ स्थित अपने स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स में एआई आधारित ह्यूमनॉइड सपोर्ट एजेंट ‘एएलएआईएसए’ (एल्युमीनियम एआई सपोर्ट एजेंट) की तैनाती की है। यह अपनी तरह का पहला सिस्टम है, जिसे शॉप-फ्लोर पर कामकाज की दक्षता बढ़ाने, रियल-टाइम ट्रेनिंग देने और औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
कंपनी के अनुसार एएलएआईएसए एक उन्नत इंटरफेस के रूप में कार्य करता है, जो बातचीत करने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्लांट के संचालन संबंधी डेटा से जोड़ता है। इसके माध्यम से कर्मचारियों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी), स्टैंडर्ड मेंटेनेंस प्रैक्टिस (एसएमपी) और सुरक्षा नियमों से जुड़ी जानकारी सीधे कार्यस्थल पर उपलब्ध हो रही है, जिससे सही समय पर निर्णय लेने में मदद मिल रही है।
वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा कि तेजी से बदलते मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में डिजिटलीकरण अहम भूमिका निभा रहा है और कंपनी लगातार उन्नत तकनीकों को अपने कामकाज में शामिल कर रही है। उन्होंने कहा कि एएलएआईएसए की तैनाती इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने, सुरक्षा को मजबूत करने और प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
शुरुआती चरण में इस सिस्टम के माध्यम से 100 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। एएलएआईएसए संरचित लर्निंग मॉड्यूल, रियल-टाइम सवालों के जवाब और इन-बिल्ट मूल्यांकन प्रणाली प्रदान करता है, जिससे सुपरवाइजर कर्मचारियों के कौशल और समझ पर नजर रख सकते हैं। इससे शॉप-फ्लोर पर एक समान प्रक्रियाएं लागू करने, सुरक्षा नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायता मिल रही है।
कर्मचारियों के अनुसार एएलएआईएसए के उपयोग से तकनीकी जानकारी तक पहुंच आसान हुई है और काम से जुड़े सवालों का समाधान तेजी से मिल रहा है। बाल्को के पीजीटी उदय चौहान ने बताया कि पॉटलाइन पर कार्य शुरू करने से पहले उन्होंने एएलएआईएसए के माध्यम से सुरक्षा प्रशिक्षण लिया, जो किसी मानव प्रशिक्षक के प्रशिक्षण जितना ही प्रभावी रहा।
यह पहल भारत के मेटल सेक्टर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे बाल्को मुख्य मैन्युफैक्चरिंग में ह्यूमनॉइड एआई सिस्टम अपनाने वाली अग्रणी कंपनियों में शामिल हो गया है। कंपनी पहले ही डिजिटल स्मेल्टर तकनीकों को लागू कर चुकी है, जहां 2,000 से अधिक उपकरणों पर एआई आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और 600 मशीनों पर आईओटी आधारित मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके अलावा खनन कार्यों में जियोफेंसिंग और ऑटोनोमस ड्रोन का उपयोग कर सुरक्षा और निगरानी को भी मजबूत किया गया है।
कंपनी की यह पहल उसकी व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन रणनीति का हिस्सा है, जो सप्लाई चेन से लेकर पॉटलाइन ऑपरेशंस, कास्ट हाउस, रोल्ड प्रोडक्ट्स और कार्बन सुविधाओं तक फैली हुई है। इन प्रयासों के जरिए संचालन की दक्षता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने और सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
