कोरबा में हाथी प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा, मुआवजा प्रकरणों के त्वरित निराकरण और सुरक्षा उपायों को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
कोरबा, 28 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। जिले में मानव-हाथी द्वंद्व की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम, हाथी प्रभावित परिवारों के मुआवजा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और हाथियों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में वन, विद्युत, राजस्व, पुलिस सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ जिले में मानव-हाथी द्वंद्व की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कदम उठाने और हाथियों के विचरण क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने वन विभाग की हाथी निगरानी टीमों को पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाथियों को हरसंभव प्रयास कर रिहायशी क्षेत्रों से दूर रखा जाए, ताकि जनहानि और दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने प्रभावित गांवों में समय पर सूचना पहुंचाने और ग्रामीणों को लगातार जागरूक करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में हाथियों के हमले से होने वाली जनहानि, फसल नुकसान, मकान एवं अन्य संपत्ति क्षति से जुड़े मुआवजा प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि मुआवजा वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन सॉफ्टवेयर विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे प्रकरणों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, लंबित मामलों की समीक्षा और भुगतान की प्रगति पर निगरानी रखी जा सके।
कलेक्टर ने विद्युत विभाग को हाथी विचरण क्षेत्रों से गुजरने वाली 11 केवी विद्युत लाइनों का सर्वे कर लो-हैंगिंग प्वाइंट्स को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्युत तारों के संपर्क में आने से किसी भी हाथी की मृत्यु नहीं होनी चाहिए। वन एवं विद्युत विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर झूलते तारों, क्षतिग्रस्त खंभों और कम ऊंचाई वाली विद्युत लाइनों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही खेतों में करंटयुक्त तार लगाने और अवैध विद्युत हुकिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।
हाथी प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर पक्के मकान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को प्रभावित परिवारों का सर्वे कर जल्द प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
बैठक में भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) द्वारा चिन्हित हाथी गलियारों की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एलीफेंट कॉरिडोर में किसी भी विकास या निर्माण कार्य से पहले वन विभाग की अनुमति और अभिमत लिया जाए। उन्होंने कहा कि हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्गों को किसी भी स्थिति में बाधित नहीं किया जाना चाहिए। लेमरू हाथी रिजर्व क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण के दौरान भी हाथियों के सुरक्षित आवागमन का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों की आजीविका मजबूत करने के लिए लघु वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी। इसके अलावा वन क्षेत्रों में अवैध महुआ लाहान और महुआ शराब निर्माण एवं भंडारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में हाथियों के लिए पेयजल और प्राकृतिक खाद्य स्रोतों की उपलब्धता बढ़ाने, हाथी विचरण क्षेत्रों में हाईमास्ट एवं सोलर लाइट लगाने, जीपीएस तकनीक से हाथियों की लोकेशन ट्रैक करने, मोबाइल अलर्ट सिस्टम, सीसीटीवी एवं थर्मल ड्रोन से निगरानी जैसे उपायों पर भी चर्चा की गई।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि चयनित विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रत्येक शनिवार वन विभाग के जागरूकता केंद्रों का भ्रमण कराया जाए। इससे विद्यार्थियों को हाथियों के व्यवहार, उनसे बचाव, वन संरक्षण, पौधारोपण, मृदा संरक्षण और वन अग्नि से बचाव की जानकारी मिल सकेगी।
बैठक में वनमण्डलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत ने मानव-हाथी द्वंद्व की स्थिति, हाथियों के विचरण क्षेत्र, मुआवजा प्रकरणों की प्रगति और विभाग द्वारा किए जा रहे रोकथाम एवं जनजागरूकता कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाथी प्रभावित प्रकरणों के मुआवजा वितरण के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध है और आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होते ही प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जा रहा है।
इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी कोरबा प्रेमलता यादव, नगर पालिक निगम कोरबा आयुक्त आशुतोष पांडेय, जिले के विभिन्न अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विद्युत, कृषि, उद्यानिकी, पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

