कोरबा के हाउसिंग बोर्ड कालोनियों में गहराया जल संकट, 15-20 मिनट की सप्लाई से लोग परेशान

कोरबा,13 अप्रैल (वेदांत समाचार)। जिले के हाउसिंग बोर्ड की शहरी कालोनियों में गर्मी बढ़ते ही पेयजल संकट ने गंभीर रूप ले लिया है। यह समस्या नई नहीं है, बल्कि वर्षों से बनी हुई है, बावजूद इसके अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। अनियमित जल आपूर्ति के कारण अधिकांश घरों में निस्तारी के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे रहवासियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।

रामपुर, गोकुलनगर, खरमोरा, दादर और बरबसपुर सहित हाउसिंग बोर्ड की कई कालोनियां इस समस्या से जूझ रही हैं। सबसे अधिक दिक्कत उन परिवारों को हो रही है जिनके मकान कालोनी के अंतिम छोर पर स्थित हैं। दरअसल, मुख्य पानी टंकी कालोनी के बीच में होने के कारण अंतिम छोर तक पानी पहुंचने में काफी समय लग जाता है। जब तक वहां पानी पहुंचता है, तब तक सप्लाई का निर्धारित समय समाप्त हो जाता है और टाइम कीपर द्वारा पानी बंद कर दिया जाता है।

स्थिति यह है कि कई घरों की छतों पर रखी पानी की टंकियां खाली रह जाती हैं, जिससे लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी जूझना पड़ रहा है। गर्मी के इस मौसम में पानी की कमी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

बिल ज्यादा, सप्लाई कम—रहवासियों में नाराजगी
हाउसिंग बोर्ड की कालोनियों में रहने वाले लोगों से पानी के लिए प्रति माह 250 रुपए शुल्क लिया जाता है, जबकि नगर निगम द्वारा पाइपलाइन के माध्यम से अन्य मोहल्लों में रहने वाले लोगों से मात्र 200 रुपए मासिक वसूले जाते हैं। इसके बावजूद नगर निगम क्षेत्रों में पर्याप्त समय तक पानी की आपूर्ति की जाती है, जबकि हाउसिंग बोर्ड कालोनियों में महज 15 से 20 मिनट ही पानी मिलता है।

इस असमानता को लेकर रहवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल आपूर्ति का समय बढ़ाने और व्यवस्था सुधारने की मांग की है, ताकि उन्हें गर्मी के मौसम में राहत मिल सके।