रायपुर, 22 जुलाई (वेदांत समाचार)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों और अग्निवीरों से जुड़े दो महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने जहां राज्य में खरीफ और रबी सीजन के दौरान उर्वरकों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन को मंजूरी दी, वहीं भारतीय सशस्त्र बलों से चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य की तृतीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया।
कैबिनेट के इस फैसले को किसानों की जरूरतों और अग्निवीरों के पुनर्वास की दिशा में राज्य सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।
राज्य सरकार ने किसानों को खरीफ और रबी दोनों मौसम में खाद की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक मंत्री-मंडलीय उप समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति उर्वरकों की आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन से जुड़े सभी विषयों की समीक्षा करेगी तथा राज्य सरकार को आवश्यक सुझाव और अनुशंसाएं देगी।
उप समिति के अध्यक्ष के रूप में उप मुख्यमंत्री, जिनके पास लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग का प्रभार है, कार्य करेंगे। समिति में कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री, सहकारिता मंत्री तथा वित्त मंत्री सदस्य होंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त को समिति का संयोजक बनाया गया है।
समिति आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, कृषि विशेषज्ञों और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर सकेगी। इसका उद्देश्य किसानों को खाद की कमी से बचाना और पूरे प्रदेश में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
कैबिनेट बैठक में अग्निवीर सैनिकों के भविष्य को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी के पदों पर सीधी भर्ती में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने का फैसला किया है।
इसके लिए “छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026” बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
सरकार के अनुसार इस आरक्षण का लाभ केवल उन अग्निवीरों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की होगी।
यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे अग्निवीरों को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा और उनके अनुशासन, प्रशिक्षण तथा अनुभव का लाभ राज्य के पुलिस, वन और जेल प्रशासन को भी प्राप्त होगा।
कैबिनेट के इन दोनों फैसलों से एक ओर किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर अग्निवीरों के लिए सरकारी सेवाओं में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि कृषि और युवाओं के हित में भविष्य में भी ऐसे निर्णय लिए जाते रहेंगे।

