नई दिल्ली, 20 जुलाई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा से जुड़े OMR शीट और स्कोर कार्ड को लेकर महत्वपूर्ण सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर वायरल हो रही कई OMR शीट और स्कोर कार्ड की तस्वीरें फर्जी पाई गई हैं। जांच में सामने आया है कि इनमें से कई दस्तावेज AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स की मदद से डिजिटल रूप से बदले गए थे। NTA ने चेतावनी दी है कि ऐसे फर्जी दस्तावेज तैयार करने, इस्तेमाल करने या प्रसारित करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
NEET UG 2026 की परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की गई थी, जबकि इसका परिणाम 16 जुलाई 2026 को घोषित किया गया। परीक्षा के बाद NTA ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सभी उम्मीदवारों की प्रोविजनल आंसर-की, रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स और स्कैन की गई OMR शीट अपलोड की थी। इसके अलावा प्रत्येक उम्मीदवार को उसकी स्कैन की गई OMR शीट रजिस्ट्रेशन के दौरान दिए गए ई-मेल पते पर भी भेजी गई थी।
रिजल्ट जारी होने के बाद कुछ उम्मीदवारों ने दावा किया कि उनके रोल नंबर पर अपलोड की गई OMR शीट उनकी नहीं है या उसमें उनके द्वारा भरे गए उत्तरों की तुलना में कम उत्तर दिखाई दे रहे हैं। कुछ शिकायतकर्ताओं ने कथित “सही” OMR शीट और स्कोर कार्ड की तस्वीरें भेजते हुए परिणाम के दोबारा मूल्यांकन की मांग भी की।
NTA ने इन शिकायतों की विस्तृत जांच की। एजेंसी के अनुसार, सभी मामलों में उसके सुरक्षित रिकॉर्ड में उम्मीदवारों की मूल OMR शीट उपलब्ध थी। इन OMR शीट में सही रोल नंबर, टेस्ट बुकलेट नंबर, बारकोड, टेस्ट बुकलेट कोड, उम्मीदवार का नाम, माता-पिता का नाम, हस्ताक्षर, अंगूठे का निशान तथा परीक्षा कक्ष के इनविजिलेटर के हस्ताक्षर मौजूद थे। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि उम्मीदवारों को जारी किए गए स्कोर आधिकारिक आंसर-की और मूल्यांकन प्रक्रिया के अनुसार पूरी तरह सही थे।
NTA ने बताया कि शिकायतों के साथ भेजी गई कई OMR शीट की तस्वीरें एजेंसी द्वारा जारी मूल दस्तावेज नहीं थीं, बल्कि AI टूल्स की सहायता से उनमें छेड़छाड़ की गई थी। जांच में पाया गया कि कुछ मामलों में OMR शीट के पहले से प्रिंटेड हिस्से, उम्मीदवार का नाम, माता-पिता का नाम, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान तक डिजिटल रूप से बदल दिए गए थे। वहीं कुछ फर्जी स्कोर कार्ड में प्राप्तांक और उत्तरों की संख्या में भी बदलाव किया गया था।
हालांकि, इन फर्जी दस्तावेजों की पोल उनके QR कोड और बारकोड ने खोल दी। NTA के अनुसार, कई मामलों में दस्तावेजों में अंक और विवरण बदल दिए गए, लेकिन QR कोड और बारकोड को नहीं बदला गया। जब इनकी जांच की गई तो वे NTA के सुरक्षित सर्वर पर उपलब्ध वास्तविक रिकॉर्ड से मेल खा गए, जिससे फर्जीवाड़े का तुरंत खुलासा हो गया। कुछ मामलों में तो ऐसे उम्मीदवारों के नाम और अभिभावकों की जानकारी भी जोड़ी गई, जिन्होंने NEET UG 2026 के लिए पंजीकरण तक नहीं कराया था।
एजेंसी ने स्पष्ट किया कि किसी तस्वीर या दस्तावेज में डिजिटल बदलाव करने से NTA और NIC के सुरक्षित सर्वर पर मौजूद मूल रिकॉर्ड में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता। NTA ने कहा कि फर्जी OMR शीट, स्कोर कार्ड या परीक्षा से जुड़े किसी भी दस्तावेज का निर्माण, उपयोग, संग्रहण या प्रसार गंभीर अपराध है।
NTA के अनुसार, ऐसे मामलों में Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 और Information Technology Act, 2000 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को जेल, आर्थिक दंड, उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द होने जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही भविष्य में आयोजित होने वाली NTA की परीक्षाओं से भी उसे डिबार किया जा सकता है।
एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उपलब्ध कराने, बेचने, बिचौलिया बनने या सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करने वाले तीसरे पक्ष के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परिणाम में संशोधन, पुनर्मूल्यांकन या सीट सुरक्षित रखने जैसी कोई मांग स्वीकार नहीं की जाएगी।
NTA ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की वास्तविक शिकायत है तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन संख्या, रोल नंबर, शिकायत का विवरण और उसके आधार के साथ आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत के साथ केवल वही दस्तावेज संलग्न किए जाएं जो NTA द्वारा जारी किए गए हों या उसके आधिकारिक पोर्टल से डाउनलोड किए गए हों।
साथ ही एजेंसी ने उम्मीदवारों, अभिभावकों, कोचिंग संस्थानों और शिक्षा सलाहकारों से अपील की है कि वे किसी भी फर्जी दस्तावेज, भ्रामक दावे या सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। यदि किसी उम्मीदवार को किसी तीसरे पक्ष ने गुमराह किया है, तो उसकी जानकारी NTA को उपलब्ध कराएं और जांच में पूरा सहयोग करें।

