नई दिल्ली, 20 जुलाई। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो चुका है और सत्र के पहले दिन ही सदन के भीतर और बाहर भारी राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिली है। सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए देश की मजबूत अर्थव्यवस्था और विकास का जिक्र किया, वहीं दूसरी ओर संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के तीखे तेवरों के चलते हंगामा शुरू हो गया। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी, जबकि उच्च सदन (राज्यसभा) में नवनिर्वाचित नए सदस्यों को शपथ दिलाई गई।
लोकसभा में जोरदार हंगामा, कार्यवाही स्थगित
सोमवार को जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। सत्र के पहले दिन हंगामे के पूरे आसार पहले से ही जताए जा रहे थे। हालात को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। वहीं दूसरी तरफ, राज्यसभा में सुचारू रूप से कार्यवाही चलाते हुए नए सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ।
पीएम मोदी का बयान: ‘तर्क और तथ्यों पर हो चर्चा, भारत दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था’
सत्र के आगाज से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा, “मेरा मानना है कि जहां तर्क और तथ्य होते हैं, वहां शोर-शराबे की कोई जरूरत नहीं होती। अगर आपके तर्क और तथ्य मजबूत हैं, तो आवाज ऊंची करने की कोई आवश्यकता नहीं है। मुझे उम्मीद है कि संसद में चर्चाएं पूरी तरह तर्क और तथ्यों के आधार पर होंगी और हर आवाज को सुने जाने का पर्याप्त मौका मिलना चाहिए।”
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण ऊर्जा के मोर्चे पर वैश्विक स्तर पर तमाम संकट आए, पेट्रोल-डीजल, एलपीजी और उर्वरक के क्षेत्र में बाधाएं पैदा हुईं। इसके बावजूद भारत 7.7 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश बना रहा, जो हमारे देश के सामर्थ्य को दर्शाता है।
टीएमसी सांसद महुआ माझी का बयान: तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ माझी ने स्पष्ट किया कि ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक परिसीमन या महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ नहीं है, क्योंकि उन्होंने 2023 में भी महिला आरक्षण का समर्थन किया था। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस दिशा में तीन साल बर्बाद किए गए। इसके अलावा उन्होंने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि इस पर संसद में गंभीर बहस होनी चाहिए।
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत का पलटवार: नीट परीक्षा और विरोध प्रदर्शनों पर बोलते हुए भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले को लेकर बेहद संवेदनशील है और उसने छात्रों के हित में कई सही कदम उठाए हैं। उन्होंने विपक्षी दलों और सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के मार्च पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी बात रखने का एक उचित मंच होता है, लेकिन अराजकता फैलाना किसी भी तरह से उचित नहीं है। मानसून सत्र के पहले ही दिन जिस तरह से सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आए हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर कई गंभीर और संवेदनशील मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिलेगी।

