रायपुर, 12 अप्रैल (वेदांत समाचार)। राजधानी रायपुर में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि विभाग ने एक पनीर निर्माण फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की है। यह कार्रवाई फैक्ट्री में मिलावट और स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों के आधार पर की गई, जिसके बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की विस्तृत जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार, टीम ने फैक्ट्री में पहुंचकर सबसे पहले साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इसके बाद पनीर निर्माण प्रक्रिया, उपयोग किए जा रहे कच्चे माल और तैयार उत्पादों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने संदेह के आधार पर विभिन्न खाद्य सामग्री के सैंपल एकत्र किए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा गया है।
रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री परिसर से बड़ी मात्रा में मिल्क पाउडर के बोरे और तेल के टीन भी बरामद किए गए। इन सामग्रियों के उपयोग को लेकर टीम ने गहन जांच शुरू कर दी है कि क्या इनका उपयोग खाद्य निर्माण के निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप किया जा रहा था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान फैक्ट्री मालिक से भी पूछताछ की गई। विभागीय अधिकारियों ने उनसे उत्पादन प्रक्रिया, कच्चे माल की खरीद और सप्लाई चैन से जुड़ी जानकारी ली।

प्रारंभिक पूछताछ में कई दस्तावेजों की भी जांच की गई है, जिनके आधार पर आगे की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता न होने देना है। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी और मानक उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फैक्ट्री में निरीक्षण के दौरान टीम ने उत्पादन यूनिट, स्टोरेज एरिया और पैकिंग प्रक्रिया का भी बारीकी से अवलोकन किया।
कई स्थानों पर साफ-सफाई को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं, जिन पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल सभी सैंपलों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि फैक्ट्री में उपयोग किए जा रहे कच्चे माल और तैयार उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। खाद्य विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की मिलावट या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित फैक्ट्री मालिक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों में भी हलचल देखी जा रही है। विभाग ने साफ किया है कि आगे भी इस तरह की जांच अभियान जारी रहेंगे ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
