फर्जी e-Challan मैसेज और एप से ठगी का खतरा, रायपुर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी – vedantsamachar.in

फर्जी e-Challan मैसेज और एप से ठगी का खतरा, रायपुर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

रायपुर, 12 अप्रैल (वेदांत समाचार)। साइबर अपराधियों द्वारा अब लोगों को ठगने के लिए फर्जी e-challan मैसेज, वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन का सहारा लिया जा रहा है। इसको लेकर रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने बताया कि अनजान नंबरों से आने वाले संदेशों में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से लोगों की निजी जानकारी और बैंकिंग डिटेल्स चोरी हो सकती हैं।

पुलिस के अनुसार, कई मामलों में साइबर ठग लोगों को वाहन का लंबित चालान बताकर SMS या व्हाट्सएप पर लिंक भेजते हैं। जैसे ही व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, वह फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाता है जहां उससे पेमेंट के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं। इस तरह के धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in/ या NextGen mParivahan ऐप का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।

रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अनधिकृत लिंक या एप्लीकेशन पर लॉग-इन न करें। ई-चालान का भुगतान करने से पहले उसे हमेशा अधिकृत प्लेटफॉर्म पर वेरिफाई करें। साथ ही यह भी बताया गया है कि अधिकृत वेबसाइट या एप के माध्यम से भुगतान करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता, जबकि थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म पर भुगतान करने से अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है।

पुलिस ने लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि केवल BV-VAAHAN-G, BT-VAAHAN-G, BH-VAAHAN-G, BM-VAAHAN-G और BZ-VAAHAN-G जैसे अधिकृत सेंडर आईडी से आए मैसेज पर ही भरोसा करें। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज के झांसे में आकर तुरंत भुगतान न करें और अपनी OTP किसी के साथ साझा न करें।

अगर किसी व्यक्ति के साथ इस तरह की साइबर ठगी हो जाती है, तो उसे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। साथ ही अपने बैंक को तुरंत सूचित कर ट्रांजैक्शन रोकने का प्रयास करना चाहिए।

रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल में NextGen mParivahan ऐप इंस्टॉल करें और इसका उपयोग कर अपने वाहन से संबंधित दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से डिजिटल फॉर्म में रखें। यह एप न केवल सुरक्षित है, बल्कि इसके माध्यम से ई-चालान का भुगतान करने पर अतिरिक्त शुल्क से भी बचा जा सकता है।